आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाशराव आबिटकर ने सोमवार को कहा कि अमरावती के एक अस्पताल में आग लगने के बाद चिकित्सा कर्मचारियों ने शिशुओं को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया, वहीं विपक्ष ने घटना के लिए जवाबदेही तय किए जाने और राज्यभर के अस्पतालों का अग्नि सुरक्षा ऑडिट कराए जाने की मांग की।
विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता एवं राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने दावा किया कि 2021 में भंडारा के एक अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद गठित समिति की सिफारिशों को लागू नहीं किया गया। उस घटना में 10 शिशुओं की मौत हुई थी।
उन्होंने राज्यभर के अस्पतालों का तत्काल अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा ऑडिट कराए जाने की मांग की।
कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर ने घटना के बाद अस्पताल का दौरा किया और इस दावे पर सवाल उठाया कि आग वेंटिलेटर में विस्फोट के कारण लगी।
अधिकारियों के अनुसार, अमरावती शहर के जिला महिला अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में सोमवार तड़के आग लगने से तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई तथा 36 अन्य शिशुओं को सुरक्षित बचा लिया गया।
ठाकुर ने कहा कि अस्पताल में पहले भी इसी तरह की घटना हो चुकी है और उन्होंने उपकरणों तथा विद्युत कनेक्शन की सुरक्षा पर सवाल उठाए। उन्होंने वेंटिलेटर की आपूर्ति करने वाली कंपनी के बारे में भी जानकारी मांगी और घटना के लिए जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की।