Allocating portfolios is the Chief Minister's prerogative: Karnataka Home Minister Priyank Kharge
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने शुक्रवार को कहा कि मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार का विशेषाधिकार है। उन्होंने विभागों में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच इसे लेकर किसी भी भ्रम या असमंजस की स्थिति से इनकार किया।
प्रियंक ने यहां संवाददाताओं से कहा कि सरकार के प्रभावी संचालन के लिए किस मंत्री को कौन सी जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए, इसका फैसला मुख्यमंत्री, पार्टी आलाकमान से विचार-विमर्श के बाद करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘इसमें किसी भी तरह का कोई भ्रम नहीं है और इस पर अंतिम फैसला पार्टी ही करेगी।’’
मंत्री ने कहा कि पार्टी के पास करीब 140 विधायकों के लिए केवल 33 मंत्री पद हैं, ऐसे में सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए सभी विधायकों को संतुष्ट करना आसान नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद भी अगर आलाकमान अचानक यह फैसला करता है कि (प्रियंक) खरगे को इस्तीफा देकर पार्टी के लिए काम करना चाहिए, तो मुझे भी उसका पालन करना होगा। मैं इसके लिए प्रतिबद्ध हूं। आलाकमान जो भी फैसला करेगा, उससे पीछे नहीं हटा जा सकता है।’’
प्रियंक की यह टिप्पणी सत्तारूढ़ कांग्रेस के कुछ विधायकों की उस नाराजगी के बीच आई है, जिसमें उन्होंने शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने पर सार्वजनिक रूप से असंतोष जताया है। शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद संभालने के दो महीने बाद सोमवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया था।
विधानसभा सत्र से पहले विभागों के आवंटन में हो रही देरी को लेकर प्रियंक ने कहा कि अतिरिक्त समय मिलने से मंत्रियों को अपने-अपने विभागों को समझने और सदन में उठने वाले मुद्दों का जवाब देने के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी।