खतरनाक अमीबा के बढ़ते खतरे से वैज्ञानिक चिंतित

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 09-05-2026
Scientists worried about the growing threat of dangerous amoeba
Scientists worried about the growing threat of dangerous amoeba

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
दुनियाभर में तेजी से फैल रहे खतरनाक अमीबा को लेकर वैज्ञानिकों ने चिंता जताई है। एक नई स्टडी के मुताबिक बढ़ता तापमान, पुरानी जल आपूर्ति व्यवस्था और कमजोर निगरानी प्रणाली इन सूक्ष्म जीवों के प्रसार को बढ़ावा दे रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह भविष्य में बड़ा स्वास्थ्य संकट बन सकता है।
 
फ्री-लिविंग अमीबा नाम के ये एककोशिकीय जीव मिट्टी, झीलों, नदियों और पानी की पाइपलाइन जैसी जगहों पर पाए जाते हैं। ज्यादातर अमीबा नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन कुछ इंसानों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।
 
इनमें सबसे चर्चित Naegleria fowleri है, जिसे “ब्रेन ईटिंग अमीबा” भी कहा जाता है। यह संक्रमित पानी के जरिए नाक से शरीर में प्रवेश करता है और सीधे दिमाग तक पहुंच सकता है। इससे होने वाला संक्रमण बेहद घातक माना जाता है और ज्यादातर मामलों में मरीज की मौत हो जाती है।
 
शोधकर्ताओं के अनुसार इन अमीबा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये गर्म तापमान, क्लोरीन जैसे कीटाणुनाशकों और कठिन परिस्थितियों में भी जिंदा रह सकते हैं। यही वजह है कि सामान्य जल शुद्धिकरण प्रणाली इन्हें पूरी तरह खत्म नहीं कर पाती।
 
वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि ये अमीबा दूसरे खतरनाक बैक्टीरिया और वायरस को अपने अंदर छिपाकर सुरक्षित रख सकते हैं। इससे संक्रमण फैलने और एंटीबायोटिक प्रतिरोध बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है।
 
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण गर्म इलाकों में इनका प्रसार तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए सुरक्षित जल प्रणाली, बेहतर निगरानी और आधुनिक जल शुद्धिकरण तकनीकों पर तुरंत काम करने की जरूरत है।