मसूड़ों की बीमारी रोकने का नया तरीका खोजा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 09-05-2026
New way to prevent gum disease discovered
New way to prevent gum disease discovered

 

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
वैज्ञानिकों ने एक नई स्टडी में ऐसा तरीका खोजा है, जिससे मसूड़ों की बीमारी को बिना अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाए रोका जा सकता है। यह शोध भविष्य में दांतों और मसूड़ों के इलाज के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि मुंह में मौजूद बैक्टीरिया आपस में रासायनिक संकेतों के जरिए “बात” करते हैं। इस प्रक्रिया को “क्वोरम सेंसिंग” कहा जाता है। वैज्ञानिकों ने इन संकेतों को रोककर यह देखा कि बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया कम होने लगे, जबकि अच्छे और स्वास्थ्य के लिए जरूरी बैक्टीरिया बढ़ने लगे।

अध्ययन में बताया गया कि हमारे मुंह में करीब 700 तरह के बैक्टीरिया पाए जाते हैं। इनमें कुछ बैक्टीरिया मसूड़ों की बीमारी पैदा करते हैं, जबकि कई बैक्टीरिया मुंह को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अब सिर्फ बैक्टीरिया को मारने के बजाय उनके व्यवहार को नियंत्रित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

शोधकर्ताओं ने विशेष एंजाइम “लैक्टोनेज” का इस्तेमाल किया, जिसने बैक्टीरिया के रासायनिक संकेतों को तोड़ दिया। इससे दांतों पर बनने वाली प्लाक में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ गई। वैज्ञानिकों ने यह भी पाया कि ऑक्सीजन का स्तर बैक्टीरिया के व्यवहार को प्रभावित करता है। मसूड़ों के ऊपर और नीचे बैक्टीरिया अलग तरीके से प्रतिक्रिया देते हैं।

स्टडी से जुड़े वैज्ञानिक मिकाएल एलियास ने कहा कि अगर बैक्टीरिया के बीच होने वाले संवाद को सही तरीके से नियंत्रित किया जाए, तो मसूड़ों की बीमारी को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में यह तकनीक ऐसे इलाज विकसित करने में मदद करेगी, जिसमें एंटीबायोटिक दवाओं की जरूरत कम पड़ेगी और अच्छे बैक्टीरिया भी सुरक्षित रहेंगे।