आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वैज्ञानिकों ने स्वच्छ हाइड्रोजन ईंधन बनाने के लिए एक नया और टिकाऊ उत्प्रेरक (कैटेलिस्ट) विकसित किया है, जिससे भविष्य में हाइड्रोजन ऊर्जा का उत्पादन सस्ता और आसान हो सकता है। खास बात यह है कि इस तकनीक में महंगी प्लैटिनम धातुओं की जरूरत नहीं पड़ती।
यह शोध Washington University in St. Louis के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है। शोधकर्ताओं ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जो सौर, पवन और जल ऊर्जा जैसी नवीकरणीय बिजली का उपयोग करके पानी को हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में अलग करती है। इस प्रक्रिया से स्वच्छ हाइड्रोजन ईंधन तैयार होता है।
शोध टीम ने प्लैटिनम आधारित पदार्थों की जगह रेनियम फॉस्फाइड और मोलिब्डेनम फॉस्फाइड का उपयोग किया। इन दोनों के मिश्रण से बना नया कैटेलिस्ट पानी से हाइड्रोजन निकालने की प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बनाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तकनीक 1000 घंटे से अधिक समय तक सफलतापूर्वक काम करती रही, जो इसे अब तक के सबसे टिकाऊ प्लैटिनम-फ्री सिस्टम में शामिल करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाइड्रोजन भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इसका उपयोग ऊर्जा भंडारण, उद्योगों और परिवहन क्षेत्र में किया जा सकता है। हालांकि अभी यह प्रयोग प्रयोगशाला स्तर पर किया गया है, लेकिन वैज्ञानिक इसे बड़े औद्योगिक स्तर पर लागू करने की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं।