बचपन का जंक फूड दिमाग पर डाल सकता है उम्रभर असर

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 23-05-2026
Childhood junk food can have lifelong effects on the brain
Childhood junk food can have lifelong effects on the brain

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
बचपन में ज्यादा जंक फूड खाना केवल मोटापे तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह दिमाग पर भी लंबे समय तक असर डाल सकता है। अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में हुई एक नई स्टडी में वैज्ञानिकों ने पाया कि अधिक वसा और चीनी वाले खाद्य पदार्थ बच्चों की खाने की आदतों और भूख नियंत्रित करने वाले दिमागी हिस्सों को प्रभावित कर सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि बाद में स्वस्थ आहार अपनाने पर भी इन प्रभावों का असर पूरी तरह खत्म नहीं होता।

यह अध्ययन University College Cork के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया, जिसे जर्नल Nature Communications में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि बचपन में हाई-फैट और हाई-शुगर डाइट लेने वाले बच्चों में आगे चलकर खाने के व्यवहार में स्थायी बदलाव देखे जा सकते हैं। अध्ययन के दौरान चूहों पर किए गए परीक्षण में यह सामने आया कि शुरुआती उम्र में जंक फूड खाने वाले जानवर बड़े होने पर भी असामान्य खानपान व्यवहार दिखाते रहे।
 
वैज्ञानिकों के अनुसार, आज बच्चों के आसपास प्रोसेस्ड और जंक फूड आसानी से उपलब्ध हैं। जन्मदिन पार्टियों, स्कूल कार्यक्रमों और खेल गतिविधियों में भी मीठे और तले हुए खाद्य पदार्थ आम हो गए हैं। इससे बच्चों की स्वाद पसंद और खानपान की आदतें छोटी उम्र से ही प्रभावित होने लगती हैं।
 
अध्ययन में यह भी पाया गया कि कुछ लाभकारी बैक्टीरिया और प्रीबायोटिक फाइबर इन प्रभावों को कम करने में मदद कर सकते हैं। खासतौर पर प्याज, लहसुन, केला और शतावरी जैसे खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले प्रीबायोटिक्स बेहतर खानपान व्यवहार को बढ़ावा दे सकते हैं।
 
शोधकर्ता डॉ. क्रिस्टीना कुएस्ता-मार्टी के अनुसार, बचपन में लिया गया आहार लंबे समय तक शरीर और दिमाग दोनों पर असर डाल सकता है। इसलिए बच्चों को शुरुआत से ही संतुलित और पौष्टिक भोजन देना बेहद जरूरी है।