ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली
स्विट्ज़रलैंड की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम एक बार फिर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में बड़े सपनों और मजबूत इरादों के साथ उतरने जा रही है। इस अभियान में टीम की सबसे बड़ी उम्मीद और सबसे भरोसेमंद चेहरा होंगे कप्तान ग्रैनिट ज़ाका। अनुभवी मुस्लिम मिडफ़ील्डर ग्रैनिट ज़ाका लगातार चौथे फीफा वर्ल्ड कप में स्विट्ज़रलैंड का प्रतिनिधित्व करने जा रहे हैं और यह उपलब्धि उन्हें स्विस फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों की सूची में शामिल करती है। 33 वर्षीय ज़ाका न केवल टीम के कप्तान हैं बल्कि स्विट्ज़रलैंड के लिए सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी भी बन चुके हैं। उनका अनुभव, नेतृत्व क्षमता और मैदान पर संतुलित लेकिन आक्रामक खेल उन्हें विश्व फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली मिडफ़ील्डरों में शामिल करता है।
ग्रैनिट ज़ाका का जन्म 27 सितंबर 1992 को स्विट्ज़रलैंड के बेसल शहर में एक कोसोवो-अल्बानियाई मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से कोसोवो से थे और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण स्विट्ज़रलैंड आकर बस गए थे।
ज़ाका इस्लाम धर्म का पालन करते हैं और रमज़ान के दौरान रोज़े भी रखते हैं। उन्होंने कई मौकों पर अपने धार्मिक विश्वास, पारिवारिक मूल्यों और अल्बानियाई विरासत पर गर्व व्यक्त किया है। उनके लिए फुटबॉल केवल एक खेल नहीं बल्कि संघर्ष, अनुशासन और पहचान की कहानी भी है।
ग्रैनिट ज़ाका अपने मजबूत पासिंग गेम, बेहतरीन नेतृत्व और मिडफ़ील्ड में खेल को नियंत्रित करने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत एफसी बेसल से की थी। इसके बाद उन्होंने जर्मन क्लब बोरूसिया मोंशेनग्लाडबाख में शानदार प्रदर्शन किया और फिर इंग्लिश क्लब आर्सेनल में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2023–24 सीज़न में उन्होंने बायर लेवरकुसेन को ऐतिहासिक बुंडेसलीगा खिताब जिताने में अहम योगदान दिया। उनके भाई टाउलांट ज़ाका भी पेशेवर फुटबॉलर रहे हैं और उन्होंने अल्बानिया की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है।

स्विट्ज़रलैंड के मुख्य कोच मूरत याकिन ने बुधवार को 26 सदस्यीय विश्व कप टीम की घोषणा की, जिसमें ग्रैनिट ज़ाका सबसे प्रमुख नाम बनकर सामने आए। यह उनके करियर का लगातार सातवां बड़ा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होगा। यूरो कप और विश्व कप जैसे बड़े मंचों पर लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले ज़ाका अब 2026 फीफा वर्ल्ड कप में अपनी टीम को इतिहास रचाने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे। उनके नेतृत्व में स्विट्ज़रलैंड ने पिछले तीन विश्व कपों में लगातार नॉकआउट चरण तक पहुंचने का कारनामा किया है, जबकि पिछली दो यूरोपीय चैंपियनशिप में टीम क्वार्टर फ़ाइनल तक पहुंची थी।
फुटबॉल, परिवार और किस्मत — यही तीन चीजें ग्रैनिट ज़ाका की कहानी को खास बनाती हैं। संघर्षों से निकलकर विश्व फुटबॉल में पहचान बनाने वाले ज़ाका आज लाखों मुस्लिम युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
क्लब फुटबॉल की बात करें तो ग्रैनिट ज़ाका इस समय इंग्लिश प्रीमियर लीग क्लब सुंदरलैंड एएफसी के लिए खेलते हैं। प्रीमियर लीग की तेज़ रफ्तार और कठिन प्रतिस्पर्धा ने उनके खेल को और अधिक परिपक्व बनाया है। सुंदरलैंड के लिए केंद्रीय मिडफ़ील्डर की भूमिका निभाते हुए ज़ाका अपनी सटीक पासिंग, खेल को नियंत्रित करने की क्षमता और लंबी दूरी से शानदार शॉट्स के लिए जाने जाते हैं। मैदान पर उनका शांत स्वभाव और रणनीतिक सोच उन्हें युवा खिलाड़ियों के लिए आदर्श बनाती है।
2026 फीफा वर्ल्ड कप में स्विट्ज़रलैंड को ग्रुप बी में रखा गया है। इस ग्रुप में उसका मुकाबला मेज़बान कतर, बोस्निया एंड हर्ज़ेगोविना और सह-मेज़बान कनाडा से होगा। स्विट्ज़रलैंड अपना पहला मुकाबला 13 जून को सैन फ्रांसिस्को में कतर के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 18 जून को बोस्निया-हर्ज़ेगोविना और 24 जून को कनाडा से भिड़ंत होगी। टूर्नामेंट से पहले स्विस टीम 31 मई को जॉर्डन और 6 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच भी खेलेगी।

ग्रैनिट ज़ाका के लिए यह विश्व कप केवल एक और टूर्नामेंट नहीं बल्कि उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय माना जा रहा है। उन्होंने 2014 फीफा वर्ल्ड कप में पहली बार विश्व मंच पर कदम रखा था। उस समय युवा ज़ाका को भविष्य का सितारा माना जाता था, लेकिन आज वही खिलाड़ी स्विट्ज़रलैंड की फुटबॉल पहचान बन चुका है। 2014 ब्राज़ील विश्व कप में उन्होंने अपनी ऊर्जा और मिडफ़ील्ड नियंत्रण से सभी को प्रभावित किया था। इसके बाद 2018 रूस विश्व कप में उन्होंने सर्बिया के खिलाफ यादगार गोल दागा, जिसने उन्हें वैश्विक सुर्खियों में ला दिया। उस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन स्विट्ज़रलैंड के लिए निर्णायक साबित हुआ था।
2022 फीफा वर्ल्ड कप में भी ज़ाका टीम के कप्तान थे और उन्होंने मिडफ़ील्ड में शानदार संतुलन बनाते हुए स्विट्ज़रलैंड को नॉकआउट चरण तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी नेतृत्व क्षमता, गेंद पर नियंत्रण और दबाव में खेलने की आदत ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में शामिल कर दिया। अब 2026 में वह चौथी बार विश्व कप खेलते हुए एक नया रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं। लगातार चार विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में उनका नाम स्विस फुटबॉल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होगा।
ग्रैनिट ज़ाका का अंतरराष्ट्रीय करियर आंकड़ों के लिहाज़ से भी बेहद शानदार रहा है। उन्होंने स्विट्ज़रलैंड के लिए 130 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और कई महत्वपूर्ण गोल किए हैं। वह केवल डिफेंसिव मिडफ़ील्डर नहीं बल्कि टीम के आक्रमण की शुरुआत करने वाले खिलाड़ी भी हैं। उनकी सटीक लंबी पासिंग, सेट पीस पर नियंत्रण और खेल की गति तय करने की क्षमता उन्हें विशेष बनाती है। कई बार मुश्किल परिस्थितियों में उन्होंने अकेले दम पर टीम को संभाला है।
2026 विश्व कप के लिए घोषित स्विस टीम में इंग्लिश प्रीमियर लीग क्लबों से जुड़े पांच खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें सबसे चर्चित नाम बर्नले के फॉरवर्ड ज़ेकी अमदौनी का है। गंभीर घुटने की चोट के बाद उन्होंने इस सीज़न में केवल 45 मिनट का फुटबॉल खेला है, लेकिन कोच मूरत याकिन ने उन पर भरोसा जताया है। याकिन ने कहा कि अमदौनी अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं, लेकिन वह टीम की रणनीति और सिस्टम को अच्छी तरह समझते हैं। उनके अलावा लीड्स यूनाइटेड के नोआ ओकाफोर, नॉटिंघम फॉरेस्ट के डैन नडोए और सुंदरलैंड के ग्रैनिट ज़ाका प्रीमियर लीग से जुड़े प्रमुख खिलाड़ी हैं।

स्विट्ज़रलैंड की टीम संतुलित दिखाई दे रही है। गोलकीपिंग विभाग में ग्रेगोर कोबेल जैसे विश्वस्तरीय गोलकीपर मौजूद हैं, जो जर्मन क्लब बोरूसिया डॉर्टमुंड के लिए खेलते हैं। डिफेंस में मैनुअल अकांजी और रिकार्डो रोड्रिगेज जैसे अनुभवी खिलाड़ी हैं। वहीं मिडफ़ील्ड पूरी तरह ग्रैनिट ज़ाका के नेतृत्व में संचालित होगी। रेमो फ्रॉयलर, डेनिस ज़कारिया और जिब्रिल सोउ जैसे खिलाड़ी उन्हें सहयोग देंगे।
फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्विट्ज़रलैंड को 2026 विश्व कप में लंबी दूरी तय करनी है तो ग्रैनिट ज़ाका का फॉर्म सबसे महत्वपूर्ण होगा। उनकी फिटनेस, अनुभव और कप्तानी टीम की दिशा तय करेगी। ज़ाका उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जो केवल अपने खेल से नहीं बल्कि मानसिक मजबूती से भी टीम को प्रेरित करते हैं। बड़े मैचों में दबाव झेलने की उनकी क्षमता उन्हें खास बनाती है।
ज़ाका का सफर आसान नहीं रहा। युवा दिनों में उन्हें कई बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हर चुनौती का जवाब अपने प्रदर्शन से दिया। क्लब और देश दोनों के लिए उन्होंने हमेशा जिम्मेदारी उठाई। चाहे मिडफ़ील्ड में डिफेंस को सुरक्षा देनी हो या आक्रमण की शुरुआत करनी हो, ज़ाका हर भूमिका में फिट बैठते हैं। यही कारण है कि उन्हें आधुनिक दौर के सबसे संपूर्ण केंद्रीय मिडफ़ील्डरों में गिना जाता है।
2026 फीफा वर्ल्ड कप उनके करियर का अंतिम विश्व कप भी हो सकता है, इसलिए वह इसे यादगार बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे। स्विट्ज़रलैंड के प्रशंसकों को उम्मीद है कि उनका कप्तान इस बार टीम को क्वार्टर फ़ाइनल से आगे ले जाएगा। पिछले वर्षों में टीम कई बार मजबूत प्रदर्शन के बावजूद ट्रॉफी की दौड़ से बाहर हुई है, लेकिन इस बार अनुभव और संतुलन दोनों टीम के पक्ष में दिखाई देते हैं।
ग्रैनिट ज़ाका केवल एक फुटबॉलर नहीं बल्कि स्विस फुटबॉल की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने वर्षों तक अपनी टीम को स्थिरता दी है और अब 2026 विश्व कप में एक बार फिर दुनिया की नजरें उन पर होंगी। सैन फ्रांसिस्को से शुरू होने वाला यह सफर स्विट्ज़रलैंड के लिए कितना ऐतिहासिक बनेगा, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन इतना तय है कि मुस्लिम कप्तान ग्रैनिट ज़ाका अपनी टीम को हर हाल में गौरव दिलाने के लिए मैदान पर पूरी ताकत के साथ उतरेंगे। उनकी कहानी संघर्ष, ईमान, नेतृत्व और निरंतरता की ऐसी मिसाल है जिसने उन्हें विश्व फुटबॉल के सबसे सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।