आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
फ्रांस के सोफिया एंटिपोलिस से आई एक नई स्टडी ने दिल की बीमारियों के इलाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत को और मजबूत किया है। ESC Acute CardioVascular Care 2026 में पेश इस शोध के मुताबिक, AI आधारित तकनीक ने कुछ प्रकार के हार्ट अटैक की पहचान में पारंपरिक तरीकों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
यह अध्ययन खास तौर पर उन मरीजों पर केंद्रित था, जिनमें हार्ट अटैक के लक्षण तो थे, लेकिन ECG में ST elevation नहीं दिख रहा था। आमतौर पर ऐसे मामलों में सही पहचान करना डॉक्टरों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है और इलाज में देरी हो सकती है।
इटली के Dr Federico Nani के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में 1490 मरीजों को शामिल किया गया। सभी मरीजों में एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम के लक्षण थे, लेकिन शुरुआती ECG में स्पष्ट संकेत नहीं थे। ऐसे में एक स्मार्टफोन आधारित AI-ECG एल्गोरिद्म का इस्तेमाल किया गया, जिसने चौंकाने वाले नतीजे दिए।
AI तकनीक ने 84 प्रतिशत मामलों में सही तरीके से ओक्लूसिव मायोकार्डियल इंफार्क्शन की पहचान की। इसकी स्पेसिफिसिटी 99 प्रतिशत और नेगेटिव प्रेडिक्टिव वैल्यू 98 प्रतिशत रही। इसके मुकाबले पारंपरिक ECG व्याख्या केवल 42 प्रतिशत मामलों में सही पहचान कर सकी।
डॉक्टर नानी के अनुसार, यह तकनीक खासतौर पर उन मरीजों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिनमें स्पष्ट संकेत नहीं मिलते। इससे समय पर इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी और जान बचाने की संभावना बढ़ेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस अध्ययन को बड़े स्तर पर और जांचने की जरूरत है।