फरहान अख्तर ने आशा भोसले को दी संगीतमय श्रद्धांजलि

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 15-04-2026
Farhan Akhtar pays musical tribute to Asha Bhosle.
Farhan Akhtar pays musical tribute to Asha Bhosle.

 

मुंबई

प्रसिद्ध अभिनेता और फिल्म निर्माता फरहान अख्तर ने दिवंगत गायिका आशा भोसले को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए उनके मशहूर गीत “दम मारो दम” को अपने कॉन्सर्ट में प्रस्तुत किया। यह भावुक पल उनके लाइव परफॉर्मेंस के दौरान देखने को मिला, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

आशा भोसले का निधन रविवार को 92 वर्ष की आयु में मल्टी ऑर्गन फेल्योर के कारण हुआ था। उन्हें सांस संबंधी संक्रमण और थकान की वजह से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन की खबर ने पूरे संगीत और फिल्म जगत को शोक में डुबो दिया।

फरहान अख्तर ने यह श्रद्धांजलि जालंधर में आयोजित “यूथ वाइब 2026” के 9वें संस्करण के भव्य उद्घाटन समारोह के दौरान दी, जो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में आयोजित किया गया था। अपने प्रदर्शन के दौरान उन्होंने “दम मारो दम” गाना गाया, और मंच के पीछे आशा भोसले की तस्वीर प्रदर्शित की गई थी, जिसने इस पल को और भी भावुक बना दिया।

“दम मारो दम” वर्ष 1971 की फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा का प्रसिद्ध गीत है, जिसे अभिनेत्री ज़ीनत अमान पर फिल्माया गया था। इस गीत को संगीतकार आर. डी. बर्मन ने संगीतबद्ध किया था और इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे। यह गीत भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और यादगार गीतों में से एक माना जाता है।

आशा भोसले के निधन के बाद कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। गायिका श्रेया घोषाल और सितार वादक ऋषभ रिखीराम शर्मा ने भी अपने-अपने कॉन्सर्ट में उनके गीत प्रस्तुत कर उन्हें याद किया। श्रेया घोषाल ने लंदन में अपने शो के दौरान उनके गीत गाए, जबकि शर्मा ने कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम में सितार के माध्यम से उनकी धुनों को प्रस्तुत किया।

आशा भोसले ने अपने लंबे करियर में 12,000 से अधिक गीत गाए हैं और उन्होंने बॉलीवुड, ग़ज़ल, कैबरे और कई अन्य शैलियों में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा है। उनकी गायकी ने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई।

 

उनका अंतिम संस्कार सोमवार को मुंबई में संपन्न हुआ, जिसमें फिल्म और संगीत जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। फरहान अख्तर का यह श्रद्धांजलि प्रदर्शन उनके प्रति सम्मान और भारतीय संगीत में उनके अमूल्य योगदान को याद करने का एक भावनात्मक प्रयास माना जा रहा है।