आवाज द वाॅयस / नई दिल्ली
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के शिक्षा संकाय (Faculty of Education) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित छात्रों के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग के ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ. यह आयोजन 31 जुलाई को संकाय सदस्यों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन सेशन के बाद किया गया.
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मोहम्मद असजद अंसारी द्वारा की गई तिलावत-ए-क़ुरान से हुई, जिसने समारोह को एक गंभीर और आत्मचिंतन से भरे माहौल में बदल दिया. इसके पश्चात माननीय कुलपति प्रो. मजहर आसिफ, कुलसचिव प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी सहित समस्त विशिष्ट अतिथियों का स्वागत फैकल्टी ऑफ एजुकेशन के छात्रों द्वारा तैयार किए गए अंगवस्त्र एवं पौधों से किया गया.
तत्पश्चात जामिया तराना का गायन श्री ज़ीशान ज़मीर अहमद के नेतृत्व में छात्रों द्वारा प्रस्तुत किया गया. कार्यक्रम का संचालन डॉ. ऐरम खान (सह-प्रोफेसर, IASE) एवं डॉ. ज़ेबा तबस्सुम (सहायक प्रोफेसर, DES) ने किया.
प्रो. जेस्सी अब्राहम, डीन, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन, ने अपने स्वागत भाषण में छात्रों का आत्मीय अभिनंदन करते हुए विभागों एवं केंद्रों का परिचय दिया. उन्होंने सामुदायिक भागीदारी, सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों एवं 75% अनिवार्य उपस्थिति जैसी महत्वपूर्ण बातों पर बल दिया. साथ ही, उन्होंने छात्रों को जामिया की प्रतिष्ठा और रैंकिंग बनाए रखने की अपील की.
डॉ. मोहम्मद फैजुल्लाह खान, नोडल अधिकारी, बागवानी, ने विश्वविद्यालय के “गो-ग्रीन अभियान” की जानकारी दी और पर्यावरण संरक्षण में छात्रों की भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, जैव विविधता संरक्षण और सतत् अपशिष्ट प्रबंधन जैसे अभियानों की चर्चा की.
प्रो. तनुजा, डीन अकादमिक अफेयर्स, ने चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (CBCS) और इसकी डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पर प्रकाश डाला.प्रो. नीलोफर अफज़ल, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, ने विश्वविद्यालय की समावेशी एवं जीवंत छात्र संस्कृति को रेखांकित किया.
उन्होंने नृत्य, वाद-विवाद, रंगमंच, पठन-पाठन जैसे क्लब्स और एनएसएस, एनसीसी से जुड़ने की प्रेरणा दी। साथ ही खेल परिसर और अंसारी हेल्थ सेंटर की सुविधाओं का भी उल्लेख किया.
डॉ. विकास सीतारामजी नागराले, विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष ने पुस्तकालय की सुविधाओं, ई-संसाधन, रिमोट एक्सेस एवं वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन की जानकारी दी.
डॉ. मोहम्मद असद मलिक, चीफ प्रॉक्टर, ने विश्वविद्यालय के आचार संहिता पर बात करते हुए अनुशासन, पहचान पत्र अनिवार्यता, परीक्षा में ईमानदारी, और रैगिंग के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर ज़ोर दिया.
प्रो. अर्चना डासी, अध्यक्ष, आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने यौन उत्पीड़न की रोकथाम पर चर्चा की. उन्होंने POSH कानून और शिक्षा, प्रयोगशालाओं, छात्रावासों में सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही.
प्रो. राहेला फारूक़ी, निदेशक, विश्वविद्यालय प्लेसमेंट सेल ने तीन-स्तरीय प्लेसमेंट संरचना, नेटवर्किंग, एलुमनाई सपोर्ट, और लिंक्डइन का उपयोग करने की सलाह दी.
प्रो. एस.एम. मुज़क्किर, SWAYAM समन्वयक ने SWAYAM पाठ्यक्रमों, एबीसी क्रेडिट ट्रांसफर और पंजीकरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी.
प्रो. शीमा अलीम, विभाग मनोविज्ञान, ने मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण पर चर्चा की और छात्रों को थैरेपी, कृतज्ञता, और प्रकृति से जुड़ाव जैसे मानसिक सशक्तिकरण के उपाय बताए.प्रो. एजाज़ मसीह, कार्यवाहक अध्यक्ष, DES ने सक्रिय सुनना, प्रश्न करना और उत्तर देने की कला जैसे शिक्षण आवश्यकताओं पर बल दिया.
प्रो. फराह फारूक़ी, अध्यक्ष, IASE ने कक्षा में विविधता के महत्व को सराहा.प्रो. महताब आलम रिज़वी, कुलसचिव, ने प्लेटो और सुकरात के माध्यम से छात्र-शिक्षक संबंध की महत्ता समझाई और संस्कृति एवं परंपरा के संरक्षण पर ज़ोर दिया.
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण टीटी एवं एनएफई विभाग की न्यूज़लेटर का विमोचन था, जिसे माननीय कुलपति प्रो. मजहर आसिफ एवं कुलसचिव प्रो. महताब रिज़वी द्वारा जारी किया गया.
समापन सत्र में कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने और जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया.
अंत में, प्रो. जासिम अहमद, आयोजन सचिव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन भारतीय सांकेतिक भाषा में राष्ट्रीय गान के साथ हुआ, जिसे श्री ज़ीशान ज़मीर अहमद और डॉ. पी. रामकृष्णा ने प्रस्तुत किया.
यह कार्यक्रम न केवल विश्वविद्यालय जीवन की शुरुआत के लिए मार्गदर्शक रहा, बल्कि जामिया के मूल्यों और संकल्पों से छात्रों को जोड़ने वाला प्रेरणादायक मंच भी बना.