विंटेज कारों को सड़कों पर दौडने लायक बनाने वाले इंजीनियर जवाद खान क्यों हैं सुर्खियों में

Story by  राकेश चौरासिया | Published by  [email protected] • 1 Years ago
विंटेज कार के साथ इंजीनियर जवाद खान
आवाज द वॉयस / श्रीनगर
 
जम्मू की चिनाब घाटी के भद्रवाह के रहने वाले इंजीनियर जवाद खान इन दिनों एक पुरानी कार को रिवाइव करने को लेकर सुर्खियों में हैं. वे पुरानी कारों यानि विंटेज कारों के आदी हैं. विंटेज कार को नया लुक देने के लिए इंजीनियर जवाद खान ने पहल की है.
 
चिनाब घाटी निवासी 23 वर्षीय इंजीनियर जवाद खान अपने स्टार्टअप प्रोजेक्ट टैडपोल प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं. वे 1946 वोक्सवैगन से 1936 ऑस्टिन 10 तक की कारों को इलेक्ट्रॉनिक वाहनों में रेस्टोर कर रहे हैं.
वोक्सवैगन 1937 में बाजार में आया, उस समय कार कोयले से चलती थी, फिर 1975 में इसमें एक डीजल इंजन जोड़ा गया और अब इंजीनियर जवाद खान इन पुरानी कारों को एक इलेक्ट्रॉनिक इंजन से जोड़ने का काम कर रहे हैं.
 
जानकारों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का भारतीय बाजार अब खुला है, यहां इलेक्ट्रॉनिक वाहन आम नहीं हैं.
 
इंजीनियर जवाद खान ने पिछले साल सितंबर 2020 में आईटीआई दिल्ली के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रिसर्च ऑन क्लीन एयर में अपना प्रोजेक्ट पेश किया और बताया कि पुरानी कारों को इलेक्ट्रॉनिक कारों में कैसे बदला जाता है.
 
इस संबंध में उनका खुद कहना है कि टेडपोल प्रोजेक्ट्स के तहत हम सड़क पर नई कारों को जोड़े बिना देश में ईवी ईकोसिस्टम का विस्तार करना चाहते हैं. हम एक ऐसा समाधान प्रदान करते हैं, जो लोगों के लिए आर्थिक बोझ न बने. हालांकि, हमारी पहली प्राथमिकता अपने ग्राहकों को संतुष्ट करना है.
 

आविष्कार में रुचि

 
जवाद एक मध्यम वर्ग से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता एक छोटी सी किराना दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं. भद्रवाह के उनके क्षेत्र में शिक्षा की दर 86 प्रतिशत से अधिक है, हालांकि वहां का माहौल ऐसा नहीं है कि कोई भी अभिनव कार्य शुरू कर सके, हालांकि, जवाद का व्यक्तित्व उसी क्षेत्र में विकसित हुआ और उन्होंने कुछ नया करने की सोची.
 

विज्ञान में दिलचस्पी 

 
जवाद खुद कहते हैं कि उन्हें बचपन से ही विज्ञान में दिलचस्पी रही है, मेरी हमेशा से नई चीजें बनाने में दिलचस्पी रही है. इसलिए मैंने इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिक की दुकान में काम करना सीखना शुरू किया. इस तरह उनकी दिलचस्पी इलेक्ट्रॉनिक वाहनों में हो गई.
 
जवाद ने स्वामी विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की है, जो पंजाब के राजपुरा में एक आधुनिक शैक्षणिक संस्थान है.
 
जवाद खान का कहना है कि बी.टेक करने के बाद वह एम.टेक करना चाहते थे और उन्होंने अपनी तैयारी भी पूरी कर ली थी, जब उन्हें आईआईटी दिल्ली से फोन आया और वे दिल्ली आ गए.
यहां उनकी मुलाकात आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र अरुण दुग्गल से हुई, जहां उन्हें विंटेज कार में इलेक्ट्रिक इंजन लगाने का मौका मिला.
 
https://www.hindi.awazthevoice.in/upload/news/162711835410_Way_for_vintage_cars_to_run_on_the_roads_is_open,_Jawad_Khan_is_installing_electric_engines_2.webp
आखिरकार नवंबर 2020 में जवाद खान को छह महीने की मेहनत के बाद मेजर रिटायर्ड मंजीत राजन की कार बीटल 1948 को इलेक्ट्रॉनिक कार में तब्दील कर दिया गया. इस संबंध में, वे कहते हैं, लोग सड़कों पर पुरानी कारों को देखकर चकित हैं, लेकिन ये कारें ऑटोमोबाइल के इतिहास और विकास को खूबसूरती से प्रस्तुत करती हैं.
 
उन्होंने कहा, “जब आप एक विंटेज कार मालिक से उनके रखरखाव और उन्हें चलाने के बारे में बात करते हैं, तो यह उनके लिए एक अजीब तरह की खुशी होती है.”
 
ध्यान रहे कि जवाद ने विंटेज कार के इंजन को 15 किलो वॉट की मोटर से बदल दिया है, जिसकी मदद से कार 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है.
 
जबकि उसकी बैटरी का बैकअप 80 किलोमीटर प्रति घंटा है. वे इसे बदलना चाहते हैं. इसमें कोई शक नहीं कि उन्होंने जो मोटरें बनाई हैं, उनमें अभी बैटरी बैकअप कम है, जबकि खरीदार ऐसी मोटर बनाना चाहते हैं, जो एक बार चार्ज करने पर 120 किमी से 300 किमी तक की यात्रा कर सके.
 
इंजीनियर जवाद खान को अब तक 30 कारों के ऑर्डर मिल चुके हैं, जिन पर वह काम कर रहे हैं और उसमें सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं.
 
इस समय एक कार की कीमत ग्राहक को 4 लाख रुपये पड़ हो रही है. हालांकि उसकी पुरानी कार सड़क पर चलने लायक हो रही है, जो उनके लिए संतोषजनक हैय और इंजीनियर जवाद खान अपने काम से बहुत खुश हैं, वे जो चाहते हैं काम को वह काम मिल गया है, जिसमें वे लगे हुए हैं.
 

विंटेज कारों के इलेक्ट्रिक रेस्टोरेशन का विचार

 
इंजीनियर जवाद खान का कहना है कि हर कोई अपनी पुरानी यादों को संजोकर रखना पसंद करता है, अगर बात पुरानी कार की हो, तो बात ही अलग है.
एक पुरानी कार में नए इलेक्ट्रॉनिक इंजन के साथ सड़क पर दौड़ने वाले आदमी से बेहतर क्या हो सकता है, बस उसी भावना ने मुझे इस दिशा में काम करने के लिए मजबूर किया.