सतर्क रुख से शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 271 अंक फिसला

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-08-2025
Stock market fell for the third consecutive day due to cautious stance, Sensex slipped 271 points
Stock market fell for the third consecutive day due to cautious stance, Sensex slipped 271 points

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

उच्च अमेरिकी शुल्क से पैदा हुए दबाव और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के बीच स्थानीय शेयर बाजार शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में 271 अंक और निफ्टी में 74 अंक की गिरावट दर्ज की गई.
 
विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका की तरफ से भारतीय उत्पादों पर 27 अगस्त से 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिए जाने के बाद से ही निवेशकों की धारणा नकारात्मक चल रही है.
 
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 270.92 अंक यानी 0.34 प्रतिशत गिरकर 79,809.65 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 338.81 अंक की गिरावट के साथ 79,741.76 पर आ गया था.
 
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 74.05 अंक यानी 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,426.85 अंक पर बंद हुआ.
 
सेंसेक्स की कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा में सर्वाधिक 2.96 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में 2.21 प्रतिशत की गिरावट आई.इन्फोसिस, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स और टेक महिंद्रा भी पिछड़ गए.
 
हालांकि, आईटीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, ट्रेंट और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे.
 
इस बीच, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने 2026 की पहली छमाही में रिलायंस जियो का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की घोषणा की। जियो अब विदेशों में अपने परिचालन का विस्तार करने के अलावा अपनी खुद की कृत्रिम मेधा प्रौद्योगिकी भी विकसित करेगी.
 
यह शेयर बाजार में गिरावट का लगतार तीसरा सत्र रहा। पिछले तीन सत्रों में सेंसेक्स कुल 1,826.26 अंक यानी 2.23 प्रतिशत टूट चुका है जबकि निफ्टी में 540.9 अंक यानी 2.16 प्रतिशत की गिरावट आई है.
 
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "अमेरिकी शुल्क के पूरे प्रभाव को समझने की कोशिशों के बीच निवेशकों की धारणा सतर्क रही। इस मुद्दे के बने रहने से कुछ क्षेत्रों में भारत के निर्यात की भावी प्रतिस्पर्धी क्षमता पर असर पड़ने की आशंका है.