बॉन्ड यील्ड बढ़ी, सेंसेक्स 571 अंक गिरा

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 01-10-2026
Market slide continues as bond yields at multi-year highs, Sensex falls 571 points, Nifty ends 0.88% lower
Market slide continues as bond yields at multi-year highs, Sensex falls 571 points, Nifty ends 0.88% lower

 

मुंबई (महाराष्ट्र) 
 
बुधवार को बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 570.59 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी 50 में 198.50 अंक या 0.88 प्रतिशत की गिरावट आई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल इकोनॉमिक हालात को लेकर चिंताओं ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाला। निफ्टी 50 इंडेक्स 198.50 अंक या 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ, जबकि BSE सेंसेक्स 570.59 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ।
 
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, बाजार में बिकवाली मुख्य रूप से बाहरी कारणों से हुई, जिसमें बॉन्ड यील्ड का कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंचना और कच्चे तेल की कीमतों का ऊंचा बने रहना शामिल है। नायर ने कहा, "Q2 की कमाई Q1 की तुलना में कम रहने की उम्मीद है। Q1 को ऑपरेटिंग कॉस्ट के पिछले असर का फायदा मिला था, जो इस बार शायद वैसा न हो।" उन्होंने कहा कि निवेशक दूसरी तिमाही के नतीजों और अगले हफ्ते आने वाली RBI पॉलिसी को लेकर भी सतर्क थे।
 
नायर ने कहा, "फिर भी, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और इन चुनौतियों से निपटने के लिए अच्छी स्थिति में है।" NSE पर सेक्टर इंडेक्स में, निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा गिरा, जिसमें 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। निफ्टी मेटल 2.35 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी मीडिया 2.33 प्रतिशत गिरा। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.91 प्रतिशत गिरा, निफ्टी FMCG 1.61 प्रतिशत गिरा और निफ्टी रियल्टी 1.46 प्रतिशत गिरा। निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.32 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी PSU बैंक 0.98 प्रतिशत गिरा। कच्चे तेल की कीमतें निवेशकों के लिए चिंता का मुख्य विषय बनी रहीं। रिपोर्टिंग के समय ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2.59% बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल हो गईं, जिससे क्रूड की कीमतें ऊंची बनी रहीं।
 
सोने की कीमतों में भी 0.57% की बढ़त हुई और यह 24 कैरेट के लिए 1,46,950 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि चांदी की कीमतें 0.35% बढ़कर 2,24,523 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं। वेंचुरा के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर ने कहा, "कुल मिलाकर सितंबर का महीना कमजोर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली के दबाव के कारण निफ्टी लगातार सात हफ्तों तक गिरा। इस दौरान ऑटो, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फाइनेंशियल सर्विसेज ने बेहतर प्रदर्शन किया और वैल्यू बाइंग के कारण बढ़त भी दर्ज की, जबकि कमजोर ग्लोबल डिमांड और करेंसी से जुड़ी चिंताओं के कारण IT और फार्मा सेक्टर ने इंडेक्स को नीचे खींचा। इस महीने लार्ज कैप की तुलना में ब्रॉडर मार्केट (मिड और स्मॉल कैप) में ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा।"
 
वहीं, दूसरे एशियाई बाजारों में ज्यादातर बढ़त देखी गई। जापान का निक्केई 225 3% से ज्यादा बढ़कर 68,955 पर बंद हुआ। हांगकांग का हैंग सेंग 0.36% बढ़कर 24,613 पर बंद हुआ, जबकि ताइवान का वेटेड इंडेक्स 0.85% बढ़कर 48,353 पर बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का KOSPI 1.91% बढ़कर 6,971 पर बंद हुआ, जबकि सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.14% गिरकर 5,667 पर आ गया।