कृत्रिम मेधा से बिजली क्षेत्र की जटिलताओं का समाधान संभव: आईईए विशेषज्ञ

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-02-2026
Artificial intelligence can solve complexities in the power sector: IEA expert
Artificial intelligence can solve complexities in the power sector: IEA expert

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
कृत्रिम मेधा (एआई) का समावेश बिजली क्षेत्र की बढ़ती जटिलताओं को संभालने में मदद कर सकता है। खासकर भारत जैसे देशों में जहां आने वाले वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ने के आसार हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के एक विशेषज्ञ ने यह बात कही।
 
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ 2026 में आईईए के ऊर्जा विशेषज्ञ सिद्धार्थ सिंह ने कहा, ‘‘ हम ऊर्जा क्षेत्र में खासकर बिजली प्रणालियों में, जटिलता के तेजी से बढ़ते रुझान देख रहे हैं। यह क्यों बढ़ रही है? पहला कारण यह है कि सामान्य तौर पर बिजलीकरण लगातार बढ़ रहा है।’’
 
‘स्वच्छ ऊर्जा बदलाव को गति देने में, ऊर्जा के लिए एआई’ विषय पर आयोजित परिचर्चा में उन्होंने कहा कि अब ऊर्जा का अंतिम उपयोग अन्य ईंधनों की तुलना में अधिक बिजली पर निर्भर हो गया है।
 
उन्होंने बताया कि प्रणाली में अब परिवर्तनीय नवीकरणीय बिजली की मात्रा कहीं अधिक हो गई है, जो पहले कभी नहीं थी। पहले बिजली के अधिकतर स्रोत स्थिर होते थे लेकिन अब सौर एवं पवन ऊर्जा के कारण स्थिति बदल चुकी है। इस दशक के अंत तक परिवर्तनीय नवीकरणीय बिजली की हिस्सेदारी काफी बड़ी होने की उम्मीद है जो प्रणाली में एक बड़ा बदलाव है।