आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का 4,38,317 करोड़ रुपये के परिव्यय का महिला केंद्रित बजट बुधवार को पेश किया। साथ ही कोई नया कर नहीं लगाए जाने की घोषणा की।
देवड़ा ने राज्य विधानसभा में विपक्ष की टोका-टोकी और व्यवधानों के बीच यह बजट पेश किया। इस दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने राज्य के लोगों पर बढ़ते कर्ज के बोझ पर चिंता जताई और नारेबाजी की।
अपने करीब 90 मिनट के भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि बजट गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता किसान, नारी शक्ति (महिला सशक्तिकरण), बुनियादी ढांचा और उद्योग मॉडल पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के लिए लगभग तीन लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
देवड़ा ने स्वयं सहायता समूहों एवं उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न महिला कल्याण योजनाओं के लिए 1,27,555 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए 5,700 छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा।
बजट में लाडली बहना योजना के लिए 23,883 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक सहायता मिलती है। सरकार ने 2023 में शुरू किए गए कार्यक्रम के तहत अब तक 52,304 करोड़ रुपये वितरित किए हैं।