बाराक घाटी की डॉ. शबनम को ‘चैंपियन ऑफ रूरल सर्जरी’ सम्मान

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 18-02-2026
Dr. Shabnam Barabhuiya of Barak Valley honoured with the title of 'Champion of Rural Surgery' at the national level.
Dr. Shabnam Barabhuiya of Barak Valley honoured with the title of 'Champion of Rural Surgery' at the national level.

 

सतनंद भट्टाचार्य / हैलाकांडी(असम)

सिलचर स्थित काचार कैंसर अस्पताल और रिसर्च सेंटर,  ब्लड सेंटर की प्रमुख और मेडिकल अधिकारी डॉ. शबनम बहार बराभुइया को हाल ही में बाराक घाटी के ग्रामीण क्षेत्रों सहित विभिन्न इलाकों में आम लोगों में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने के उनके प्रयासों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।

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डॉ. बराभुइया को पिछले कुछ वर्षों में बाराक घाटी के सभी गांवों और शहरों में स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन को बढ़ावा देने में उनके अथक और प्रेरक योगदान के लिए ‘चैंपियन ऑफ रूरल सर्जरी’ का पुरस्कार दिया गया।

इस सम्मान समारोह का आयोजन 30वें वार्षिक सम्मेलन में किया गया, जिसे एसोसिएशन ऑफ रूरल सर्जन्स ऑफ इंडिया द्वारा पश्चिम बंगाल के हाल्दिया स्थित IIMSAR और डॉ. बीसी रॉय हॉस्पिटल में 5फरवरी को आयोजित किया गया था। पूरे देश से पांच डॉक्टरों और उतने ही पैरामेडिकल स्टाफ को यह सम्मान दिया गया। डॉ. बराभुइया इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाली पूर्वोत्तर की एकमात्र डॉक्टर हैं।

इस पुरस्कार प्राप्त करने के बाद डॉ. बराभुइया ने कहा,“पश्चिम बंगाल में इस सम्मान से मैं अभिभूत हूँ। यह सम्मान मुझे मेरे पेशेवर कर्तव्यों को और बेहतर तरीके से निभाने के लिए प्रेरित करेगा। इस उपलब्धि का श्रेय मैं सभी रक्तदाताओं, स्वैच्छिक संगठनों और ब्लड सेंटर के कर्मचारियों को देती हूँ। विशेष रूप से बाराक वैली वॉलंटरी ब्लड डोनर्स फोरम का आभार, जिन्होंने हमारे ब्लड सेंटर के साथ खड़े होकर समाज के लिए लगातार काम किया।”

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अपने मिशन के महत्व को बताते हुए डॉ. बराभुइया ने कहा,“वास्तव में, कई मरीजों की जान अभी भी इस वजह से जाती है कि उन्हें समय पर रक्त नहीं मिल पाता। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि स्वस्थ लोग नियमित रूप से रक्तदान करें और इसके प्रति जागरूक हों।”

उनके करीबी सहयोगियों के अनुसार, डॉ. बराभुइया पिछले आधे दशक से रक्तदान के आंदोलन की मुखर समर्थक रही हैं और इसे बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करती रही हैं। वे मानती हैं कि जागरूकता लोगों के मानसिक दृष्टिकोण में परिवर्तन ला सकती है और इसी कारण वह लगातार सभी स्तरों पर रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने का काम कर रही हैं।

इस बीच, बाराक घाटी के विभिन्न संगठनों ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए डॉ. बराभुइया की सराहना की है। बाराक वैली वॉलंटरी ब्लड डोनर्स फोरम, जो बाराक घाटी में स्वैच्छिक रक्तदान आंदोलन का पथप्रदर्शक है, ने भी इस उपलब्धि पर डॉ. बराभुइया को बधाई दी। काचार जिले की इकाई ने 10फरवरी को काचार कैंसर अस्पताल ब्लड सेंटर में डॉ. बराभुइया के सम्मान में एक औपचारिक समारोह आयोजित किया।

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इस समारोह में फोरम के जिला अध्यक्ष देबबृता पाल, केंद्रीय समिति अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार पाल, महासचिव आशु पाल, कोषाध्यक्ष अनुप दत्ता, जिला इकाई सचिव सभ्यसाची रुद्रागुप्ता, केंद्रीय प्रचार सचिव सुजॉय नाथ और अन्य उपस्थित थे। डॉ. बराभुइया को इस अवसर पर उत्तरीया (पारंपरिक स्कार्फ) और एक स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।