शाहीन ग्रुप देगा एमबीबीएस पर 100 फीसदी स्कॉलरशिप

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 22-07-2026
Shaheen Group to offer 100 scholarship for MBBS.
Shaheen Group to offer 100 scholarship for MBBS.

 

मंसूरुद्दीन फ़रीदी/नई दिल्ली

बीदर के शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। भारत में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की भारी भरकम फीस और नीट परीक्षा की कठिन प्रतिस्पर्धा से परेशान छात्रों के लिए मध्य एशिया में एमबीबीएस करने का नया रास्ता खोला गया है। इस विशेष शैक्षणिक परियोजना के तहत ताजिकिस्तान के एमएसआईटी और किर्गिस्तान के साउथ एशिया यूनिवर्सिटी में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यहाँ भारतीय प्राइवेट कॉलेजों की तुलना में 20 से 25 प्रतिशत या उससे भी कम खर्च में डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया जा सकता है।

विदेश में पढ़ाई के साथ पहले साल से एफएमजीई की तैयारी

अक्सर विदेशों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को भारत में प्रैक्टिस के लिए एफएमजीई यानी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन पास करने में कठिनाई होती है। शाहीन ग्रुप ने इस समस्या का सीधा समाधान निकाला है।

शाहीन ग्रुप के चेयरमैन अब्दुल कादिर ने बताया कि इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि छात्रों को पढ़ाई के पहले वर्ष से ही एफएमजीई परीक्षा के लिए विशेष कोचिंग दी जाएगी। इससे छात्र अपनी डिग्री पूरी करने के साथ-साथ भारतीय चिकित्सा मानकों के अनुसार परीक्षा की तैयारी भी पूरी कर सकेंगे।

शैक्षणिक वर्ष 2026 के लिए विशेष स्कॉलरशिप योजना

मेधावी छात्रों को आर्थिक मदद देने के लिए शाहीन ग्रुप ने खास स्कॉलरशिप की घोषणा की है। शैक्षणिक वर्ष 2026 के लिए चुने गए पहले 40 छात्रों को विशेष स्कॉलरशिप मिलेगी।

  • नीट परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर ट्यूशन फीस में 25 प्रतिशत, 50 प्रतिशत, 75 प्रतिशत और 100 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
  • आगे के वर्षों में छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन और एफएमजीई के वार्षिक स्कोर के आधार पर यह स्कॉलरशिप जारी रखी जाएगी।

अब्दुल कादिर ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है। लड़कों और लड़कियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और उच्च शैक्षणिक मानकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि वे एक बेहतरीन डॉक्टर बन सकें।

कुरान याद करने वाले 22 हाफ़िज़ छात्रों ने नीट 2026 में गाड़े झंडे

शाहीन ग्रुप की इस पहल के बीच बीदर स्थित शाहीन प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज से एक और बड़ी खबर सामने आई है। इस साल नीट 2026 की परीक्षा में कुरान याद करने वाले 22 हाफ़िज़ छात्रों ने शानदार सफलता हासिल की है।

इस सफलता ने देश के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। इससे यह साबित होता है कि धार्मिक शिक्षा और आधुनिक वैज्ञानिक पढ़ाई एक दूसरे का रास्ता नहीं रोकतीं, बल्कि एक दूसरे को मजबूत बनाती हैं। सही मार्गदर्शन, आधुनिक सुविधाएं और अनुशासित माहौल मिले तो छात्र देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतरीन रैंक हासिल कर सकते हैं।

डॉ. अब्दुल कादिर ने सफल छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता अल्लाह की कृपा, पवित्र कुरान के आशीर्वाद, छात्रों की मेहनत, अभिभावकों की प्रार्थनाओं और शिक्षकों के सही मार्गदर्शन का परिणाम है।

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क्या है शाहीन ग्रुप और अल्लामा इकबाल का दर्शन?

शाहीन ग्रुप केवल एक स्कूल या कॉलेज नहीं है, बल्कि यह अल्लामा इकबाल के 'शाहीन' (बाज़) के विचार पर आधारित एक शैक्षणिक आंदोलन है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में आत्म-सम्मान, उच्च चरित्र, आत्मनिर्भरता और मानवता की सेवा का भाव जगाना है।

शाहीन का मूल दर्शन पांच प्रमुख सिद्धांतों पर टिका है:

  • हमेशा ऊँची उड़ान भरना।
  • दूरदर्शी और तीक्ष्ण दृष्टि रखना।
  • आत्मनिर्भर बनना और दूसरों के शोषण से दूर रहना।
  • एकांत में भी अपनी जिम्मेदारियों को समझना।
  • निरंतर परिश्रम और संघर्ष पर भरोसा रखना।

धार्मिक और आधुनिक शिक्षा का अनूठा मेल

शाहीन ग्रुप का मानना है कि देश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अधिकार है। कुरान और सुन्नत की शिक्षा इंसान को आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाती है, जबकि आधुनिक विज्ञान और तकनीक जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का रास्ता खोलती है।

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संस्थान का लक्ष्य केवल अपने कैंपस फैलाना नहीं है। इसका असली मकसद सामाजिक सशक्तिकरण है। शाहीन ग्रुप छात्रों को तैयार करता है ताकि वे अपनी योग्यता के बल पर सरकारी इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में मुफ्त या कम खर्च पर प्रवेश पा सकें।

शाहीन ग्रुप के चेयरमैन ने मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे समय पर रजिस्ट्रेशन कराएं और मध्य एशिया में किफायती एमबीबीएस शिक्षा का लाभ उठाएं।