हैदराबाद:
मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SET) में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) विभाग के अध्यक्ष और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंजैया अडेपु ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ लुइसियाना, लाफायेट में अपनी पोस्टडॉक्टोरल फेलोशिप पूरी कर ली है।
वर्ष 1898 में स्थापित यूनिवर्सिटी ऑफ लुइसियाना, लुइसियाना विश्वविद्यालय प्रणाली का सबसे बड़ा संस्थान है। इसे कार्नेगी रिसर्च-1 (R1) विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह इस प्रणाली का एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसे यह मान्यता मिली है।
डॉ. अडेपु ने अपनी शोध परियोजना ‘इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) से जुड़े व्हीकुलर एड हॉक नेटवर्क में साइबर सुरक्षा के लिए एआई आधारित ढांचा’ विषय पर पूरी की। यह शोध यूनिवर्सिटी ऑफ लुइसियाना, लाफायेट के स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग एंड इंफॉर्मेटिक्स के निदेशक प्रो. मार्टिन मार्गाला के मार्गदर्शन में किया गया।
इस शोध का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा तकनीकों के इस्तेमाल से इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) से जुड़े वाहन-आधारित एड हॉक नेटवर्क की सुरक्षा और विश्वसनीयता को बेहतर बनाना है। ऐसे नेटवर्क में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना आधुनिक परिवहन तकनीक के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के एसोसिएट डीन डॉ. मोहम्मद यूसुफ खान के अनुसार, डॉ. अडेपु ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग (AI&ML), साइबर सुरक्षा, वायरलेस सेंसर नेटवर्क और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्रों में शोध और नवाचार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यह फेलोशिप डॉ. अडेपु के शोध करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। साथ ही, यह एआई आधारित साइबर सुरक्षा समाधानों को आगे बढ़ाने में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग की अहमियत को भी रेखांकित करती है।