जामिया मिल्लिया इस्लामिया से सीखें एआई और मशीन लर्निंग, सुनहरा मौका

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 20-05-2026
Learn AI and Machine Learning at Jamia Millia Islamia — A Golden Opportunity
Learn AI and Machine Learning at Jamia Millia Islamia — A Golden Opportunity

 

आवाज द वाॅयस /नई दिल्ली

भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का है। आज के दौर में एआई में करियर तलाशना सबसे बड़ी अक्लमंदी मानी जा रही है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए दिल्ली की मशहूर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी एक बेहतरीन मौका लेकर आई है। यूनिवर्सिटी का कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग एआई और मशीन लर्निंग पर एक खास शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। यह इस प्रोग्राम का चौथा एडिशन है। यह कोर्स उन लोगों के लिए बेहद मददगार साबित होगा जो तकनीक की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।

तीन सप्ताह की इस ट्रेनिंग में एक बिल्कुल नए छात्र को भी इस तरह तैयार किया जाएगा कि वह एआई के माध्यम से अपने भविष्य की राह खुद चुन सके।यह खास ट्रेनिंग प्रोग्राम 30जून से शुरू होकर 17जुलाई 2026तक चलेगा। इसमें शामिल होने वाले छात्रों को एआई और मशीन लर्निंग की बुनियादी बातों से लेकर उनके व्यावहारिक इस्तेमाल तक की पूरी जानकारी दी जाएगी।

आजकल हर क्षेत्र में एआई का दखल बढ़ता जा रहा है। ऐसे में इस कोर्स की अहमियत और ज्यादा बढ़ जाती है। जामिया इस कोर्स के जरिए युवाओं को नए जमाने के हुनर से लैस करना चाहता है ताकि वे रोजगार के बाजार में दूसरों से आगे रह सकें।

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इस कोर्स का पूरा सिलेबस पाइथन प्रोग्रामिंग पर आधारित है। पाइथन को आज के समय में एआई के लिए सबसे जरूरी और आसान भाषा माना जाता है। इस ट्रेनिंग में सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं दिया जाएगा बल्कि व्यावहारिक समझ पर पूरा जोर रहेगा। कोर्स में कोडिंग के साथ-साथ बिना कोडिंग वाले तरीकों को भी सिखाया जाएगा।

इससे उन लोगों को भी एआई सीखने में मदद मिलेगी जो कोडिंग में बहुत माहिर नहीं हैं। छात्रों को सीखने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए हर सेशन की स्लाइड और जरूरी स्टडी मटेरियल भी दिया जाएगा। छात्र कितना सीख रहे हैं इसकी जांच के लिए समय-समय पर क्विज और असाइनमेंट भी लिए जाएंगे।

जामिया ने इस कोर्स को हर किसी की सुविधा के अनुसार तैयार किया है। छात्र अपनी सहूलियत के हिसाब से इसे ऑफलाइन या ऑनलाइन दोनों में से किसी भी मोड में जॉइन कर सकते हैं। जो छात्र दिल्ली में रहकर सीधे क्लास में पढ़ना चाहते हैं वे ऑफलाइन चुन सकते हैं।

वहीं दूर-दराज के छात्र घर बैठे ऑनलाइन मोड के जरिए इस बेहतरीन कोर्स का हिस्सा बन सकते हैं। कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को जामिया मिल्लिया इस्लामिया की तरफ से एक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। यह सर्टिफिकेट भविष्य में नौकरी तलाशने के दौरान युवाओं के प्रोफाइल को मजबूत बनाने का काम करेगा।

इस पूरे ट्रेनिंग प्रोग्राम को पांच अलग-अलग मॉड्यूल में बांटा गया है। पहले मॉड्यूल में एआई की बुनियादी बातों और पाइथन के बेसिक्स की जानकारी दी जाएगी। दूसरे मॉड्यूल में पाइथन के जरिए एप्लाइड डेटा साइंस और मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।

तीसरे मॉड्यूल में कंप्यूटर विजन के लिए डीप लर्निंग की बारीकियां समझाई जाएंगी। इसमें केरास और टेन्सरफ्लो जैसे आधुनिक टूल्स का इस्तेमाल सिखाया जाएगा। चौथे मॉड्यूल में नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग यानी एनएलपी के लिए डीप लर्निंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए भी केरास और टेन्सरफ्लो की मदद ली जाएगी।

इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पढ़ाने वाले शिक्षक बेहद अनुभवी होंगे। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सीनियर फैकल्टी के अलावा देश-विदेश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज, आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी के विशेषज्ञ छात्रों को गाइड करेंगे।

इसके साथ ही इस फील्ड में काम कर रहे इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स भी अपने अनुभव साझा करेंगे। एक्सपर्ट्स से सीधे सीखने का यह अनुभव छात्रों को यह समझने में मदद करेगा कि असल कामकाजी दुनिया में एआई का इस्तेमाल कैसे होता है। कोर्स के दौरान कुछ मॉड्यूल में बिना कोड या बेहद कम कोडिंग के एआई टूल्स का उपयोग करने के आसान तरीके भी बताए जाएंगे।

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जामिया के इस खास कोर्स में सीटों की संख्या बेहद सीमित रखी गई है। कुल मिलाकर सिर्फ 160सीटें ही उपलब्ध हैं। इनमें से 60सीटें ऑफलाइन मोड के लिए तय की गई हैं और 100सीटें ऑनलाइन मोड के लिए रखी गई हैं। इस कोर्स में एडमिशन 'पहले आओ और पहले पाओ' के आधार पर दिया जाएगा।

यानी जो छात्र पहले आवेदन करेंगे उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। इसलिए सीटों के भरने का इंतजार किए बिना समय पर अप्लाई करना ही समझदारी होगी। इस कोर्स की कक्षाएं सोमवार से शनिवार तक रोजाना सुबह 10बजे से दोपहर 1बजे तक आयोजित की जाएंगी। तीन घंटे की यह क्लास छात्रों को तकनीक की दुनिया में गहरे उतरने का मौका देगी।

इस कोर्स में शामिल होने के लिए एक तय पात्रता मानदंड भी रखा गया है। यह कोर्स उन सभी डिप्लोमा धारकों, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए खुला है जिनका बैकग्राउंड गणित का रहा है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के फैकल्टी मेंबर्स भी इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का हिस्सा बन सकते हैं बशर्ते उनके पास मैथ्स का बैकग्राउंड हो। गणित की बुनियादी समझ होने से मशीन लर्निंग के एल्गोरिदम को समझने में काफी आसानी होती है।