MANUU महिला कॉलेज में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 19-05-2026
Drug De-addiction Awareness Program Organized at MANUU Women's College
Drug De-addiction Awareness Program Organized at MANUU Women's College

 

श्रीनगर
Maulana Azad National Urdu University के अंतर्गत संचालित MANUU आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज फॉर विमेन में 14 मई 2026 को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत ड्रग डी एडिक्शन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं और समाज में नशे के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूकता फैलाना तथा युवाओं को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रायहाना मलिक ने की। अपने स्वागत भाषण में उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्रों को सामाजिक और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक बनाना भी है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. राजा मुजफ्फर भट ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। उन्होंने नशे की लत के कारणों, उससे जुड़े भ्रम और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंता का विषय है और इसके खिलाफ सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

इस अवसर पर प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान Agha Syed Hadi Mohammad Moosavi ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कुरआन और सुन्नत की रोशनी में नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस्लाम इंसान को हर प्रकार की बुराइयों और नशे से दूर रहने की शिक्षा देता है। उन्होंने युवाओं से अपने जीवन में अनुशासन, आत्मसंयम और आध्यात्मिकता अपनाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान ‘कोशिश’ नामक गैर सरकारी संगठन के अध्यक्ष डॉ. रऊफ मोहिउद्दीन मलिक की ड्रग जागरूकता पर आधारित प्रस्तुति भी दिखाई गई। इस प्रस्तुति में नशे के सामाजिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रोफेसर श्री शौकत अहमद ने किया। इसकी शुरुआत रिसर्च स्कॉलर अदफर अहमद द्वारा कुरआन की तिलावत से हुई, जिसने कार्यक्रम को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया।

इस अवसर पर छात्राओं और शिक्षकों के बीच एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें छात्रों ने नशे से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे और विशेषज्ञों ने उनके जवाब दिए। छात्राओं ने कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में सहायक प्रोफेसर डॉ. एजाज अब्दुल्ला ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, शिक्षा और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से ही एक स्वस्थ और नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है।