नई दिल्ली
Jamia Millia Islamia के वास्तुकला और एकिस्टिक्स संकाय के डिज़ाइन एवं इनोवेशन विभाग ने शुक्रवार को ‘डिज़ाइन डिग्री शो 2026’ का भव्य उद्घाटन किया। यह दो दिवसीय प्रदर्शनी 22 और 23 मई को एफटीके सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई, जिसमें ‘मास्टर ऑफ डिजाइन’ के छात्रों के 19 प्रमुख ग्रेजुएशन प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए।
यह प्रदर्शनी केवल छात्रों की रचनात्मकता का मंच नहीं रही, बल्कि नवाचार, शोध और सामाजिक रूप से उपयोगी डिज़ाइन सोच का भी प्रभावशाली उदाहरण बनी। कार्यक्रम का उद्देश्य ‘विकसित भारत’ की अवधारणा के अनुरूप डिज़ाइन आधारित समाधान और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में फैकल्टी सदस्य, छात्र, शोधार्थी और आमंत्रित अतिथि मौजूद रहे।
वास्तुकला और एकिस्टिक्स संकाय के डीन तथा डिज़ाइन एवं इनोवेशन विभाग के अध्यक्ष प्रो. कमर इरशाद ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि विभाग छात्रों को ऐसा शैक्षणिक वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां कल्पना को वास्तविक और समाजोपयोगी नवाचार में बदला जा सके। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से डिज़ाइन शिक्षा और अंतर्विषयक शोध को नई दिशा मिली है।
मुख्य अतिथि प्रो. रिज़वी ने छात्रों के शोध आधारित और रचनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि डिज़ाइन केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज, तकनीक और भविष्य को आकार देने की ताकत रखता है। उन्होंने छात्रों से सामाजिक जिम्मेदारी और नवाचार के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
प्रदर्शनी में जिन परियोजनाओं ने विशेष ध्यान आकर्षित किया उनमें बिजली के बिना चलने वाली हाइब्रिड सिरेमिक खाद्य संरक्षण प्रणाली, मशीन लर्निंग आधारित नवजात शिशु देखभाल उपकरण, भारत के रेशम उत्पादन समुदाय के लिए बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, बिना एसी वाले रेलवे डिब्बों के लिए कूलिंग सिस्टम और जामिया नगर क्षेत्र के लिए ई रिक्शा मोबिलिटी फ्रेमवर्क शामिल रहे।
इन प्रोजेक्ट्स में सस्टेनेबिलिटी, समावेशिता, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक सहभागिता को प्रमुखता दी गई। छात्रों ने अपनी परियोजनाओं के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया कि डिज़ाइन शिक्षा किस तरह आम लोगों की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत कर सकती है।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य प्रो. ललित कुमार दास ने इंटरडिसिप्लिनरी मेंटरिंग मॉडल का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में छात्रों को डिज़ाइन विभाग के साथ अन्य शैक्षणिक विभागों के शिक्षकों का भी मार्गदर्शन मिले, ताकि उनका अकादमिक और व्यावहारिक विकास अधिक व्यापक हो सके।
समारोह का एक विशेष आकर्षण ‘DDS 2026 कैटलॉग’ का विमोचन रहा। मुख्य अतिथि ने डीन और वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों के साथ मिलकर इस कैटलॉग को जारी किया। इसमें छात्रों के सभी प्रमुख प्रोजेक्ट्स और विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों का दस्तावेजी विवरण शामिल है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. तौसीफ मजीद ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उद्घाटन सत्र के बाद जूरी सदस्यों ने प्रदर्शनी का दौरा किया और छात्रों के साथ संवाद कर उनके प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन किया।