
यह प्रतियोगिता “वूमेन्स राइट्स आर ह्यूमन राइट्स” विषय पर आधारित थी, जिसका उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों को मानवाधिकार के रूप में स्थापित करना और समाज में जागरूकता बढ़ाना था। समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि विजेताओं को विशेष रूप से नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
.jpeg)
कार्यक्रम के दौरान एईके की मानद संयोजक डॉ. बाबली परवीन ने कहा कि भागीदारी की भावना जीत जितनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान समारोह केवल विजेताओं के लिए नहीं, बल्कि उन सभी के लिए है जिन्होंने साहस, निरंतरता और सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया। उन्होंने इस पहल को सामूहिक प्रयास और समावेशी सोच का प्रतीक बताया।

इस प्रतियोगिता में पांच अलग-अलग राज्यों से कुल 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र देकर उनके प्रयासों की सराहना की गई। विजेताओं में प्रथम स्थान सानिया फातिमा ने हासिल किया, जो जामिया फातिमा ग़ज़ालिया, दिल्ली से हैं। उन्हें 5000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। द्वितीय स्थान जन्नत परवीन, गरीब नवाज़, दिल्ली ने प्राप्त किया, जिन्हें 3000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। तृतीय स्थान लविशा सिल्वा, पश्चिम बंगाल और सिदरा नाज़िम, ओलिविड्या गर्ल्स एकेडमी, देवबंद ने संयुक्त रूप से हासिल किया। दोनों को 2000-2000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
.jpeg)
समारोह में अवाज़ द वॉइस के सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य संपादक अतिर खान, आशा खोसा, सीपी सिंह और अन्य टीम सदस्य शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के रचनात्मक कार्यों की सराहना की गई और भविष्य में ऐसे और प्रयासों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम का समापन उत्साह और प्रेरणा के संदेश के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि अवाज़ ए ख़्वातीन आगे भी ऐसे मंच तैयार करता रहेगा, जहां महिलाओं की आवाज़ को सम्मान मिले, प्रतिभाओं को पहचान मिले और समाज में समानता की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।





