WUC रिपोर्ट: चीन की निगरानी पर चिंता

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 03-10-2026
WUC weekly brief highlights China’s surveillance, Uyghur rights concerns
WUC weekly brief highlights China’s surveillance, Uyghur rights concerns

 

म्यूनिख [जर्मनी]

वर्ल्ड उइघुर कांग्रेस (WUC) ने अपनी हालिया साप्ताहिक रिपोर्ट में चीन के सर्विलांस सिस्टम, पूर्वी तुर्किस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और विदेशों में चीनी सरकारी संस्थानों की गतिविधियों को लेकर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चिंताओं पर ज़ोर दिया है। WUC की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, सेंटर फॉर एडवांस्ड डिफेंस स्टडीज़ (C4ADS) की "मॉनिटरिंग द फ्रंटियर" (Monitoring the Frontier) नाम की एक नई रिपोर्ट में पूर्वी तुर्किस्तान, तिब्बत, इनर मंगोलिया और हांगकांग में सर्विलांस और कंट्रोल के आपस में जुड़े ढांचे की जांच की गई है। 
 
WUC ने बताया कि रिपोर्ट में पूर्वी तुर्किस्तान में बायोमेट्रिक डेटा-इकट्ठा करने वाली तकनीकों से जुड़े 135 कॉन्ट्रैक्ट्स की पहचान की गई है। साथ ही, अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित सर्विलांस कंपनी 'यूनिव्यू' (Uniview) 54 सर्विलांस-संबंधी कॉन्ट्रैक्ट्स में शामिल पाई गई, जो अक्सर थर्ड पार्टी के ज़रिए किए गए थे। WUC की रिपोर्ट में UK की सिक्योरिटी सर्विस, MI5 की उस चेतावनी पर भी ज़ोर दिया गया है जिसमें चीनी इंटेलिजेंस से जुड़े संगठनों द्वारा ब्रिटिश एकेडमिक रिसर्च का गलत इस्तेमाल करने की कोशिशों का ज़िक्र है। खबरों के मुताबिक, MI5 ने कहा है कि ब्रिटिश संस्थानों से जुड़े 100 से ज़्यादा एकेडमिक्स ने अनजाने में 'चाइना जनरल टेक्नोलॉजी रिसर्च इंस्टीट्यूट' से जुड़े प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया है। एजेंसी का कहना है कि इस इंस्टीट्यूट के संबंध चीन के मिनिस्ट्री ऑफ़ स्टेट सिक्योरिटी से हैं।
 
साप्ताहिक रिपोर्ट में पूर्वी तुर्किस्तान में अंतरराष्ट्रीय व्यवसायों के विस्तार पर भी ध्यान दिया गया है। WUC ने बताया कि स्टारबक्स ने 29 सितंबर को उरुमची में अपने पहले दो स्टोर खोले, जिनमें ग्रैंड बाज़ार और तियानशान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मौजूद आउटलेट्स शामिल हैं। संगठन ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ ऐसी स्थिति में योगदान देने का जोखिम उठा रही हैं जिसे उसने उइघुर अधिकारों को लेकर जारी चिंताओं के बीच "सामान्य होने का दिखावा" (veneer of normalcy) बताया है। WUC ने स्टारबक्स से इन आउटलेट्स को बंद करने और उस इलाके से हटने की अपील की है।
 
WUC के अनुसार, चीन की आगामी समीक्षा से पहले UN की 'कमेटी ऑन द राइट्स ऑफ़ द चाइल्ड' के प्री-सेशन वर्किंग ग्रुप की बैठक में भी उइघुर अधिकारों का मुद्दा उठाया गया। WUC और उइघुर अधिकार समूह UZDM ने परिवारों के अलग होने, सरकारी बोर्डिंग स्कूलों, भेदभाव, सांस्कृतिक और धार्मिक अधिकारों, और उइघुर बच्चों से जुड़ी कथित जबरन मज़दूरी को लेकर चिंताएँ ज़ाहिर कीं। WUC ने कहा कि उसके प्रतिनिधियों ने UN कमेटी से अपील की कि वह परिवारों के अलग-थलग होने के पैमाने और हालात के बारे में बीजिंग से विस्तृत जानकारी मांगे।
 
साप्ताहिक ब्रीफ़ में 1 अक्टूबर को कई देशों में उइगर, तिब्बती, हांगकांग के लोगों, दक्षिणी मंगोलियाई और चीनी अधिकार समूहों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों का भी ज़िक्र किया गया। WUC ने कहा कि जर्मनी, बेल्जियम, अमेरिका और तुर्की में हुए प्रदर्शनों ने मानवाधिकारों से जुड़ी चिंताओं और जातीय अल्पसंख्यकों के प्रति चीन की नीतियों की ओर ध्यान आकर्षित किया।