तेहरान/नई दिल्ली।
पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने अमेरिकी हमलों के प्रतिशोध में यह कार्रवाई की है।
आईआरजीसी नौसेना का कहना है कि अमेरिका द्वारा ईरान के तटीय इलाकों पर किए गए हवाई हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई की गई। हालांकि, हमलों से हुए नुकसान या हताहतों के बारे में तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस बीच, ईरान की संसद के सदस्य इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने एक बार फिर बातचीत के दौरान ईरान पर हमला किया है।
अजीजी ने कहा, "अमेरिका के राष्ट्रपति ने यह साबित कर दिया है कि उन्हें न तो वार्ता के सिद्धांतों का सम्मान है और न ही युद्धविराम का। युद्धविराम का यह लापरवाह उल्लंघन अंततः अमेरिका को पीछे हटने और पछताने पर मजबूर करेगा। अब दोषारोपण की राजनीति काम नहीं करेगी।"
वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि युद्धविराम समझौते के क्रियान्वयन को लेकर कोई मतभेद हैं तो ईरान बातचीत का रास्ता अपनाए। उन्होंने एक्स पर लिखा, "ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं और हमने उसका पालन किया है। यदि समझौते के लागू होने को लेकर कोई असहमति है तो वे बातचीत कर सकते हैं। लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा।"
तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इजरायल और लेबनान के बीच एक त्रिपक्षीय ढांचा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते को क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मार्को रुबियो ने कहा, "अमेरिका को आज इजरायल और लेबनान के बीच हुए ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौते का हिस्सा होने पर गर्व है। अभी और काम किया जाना बाकी है, लेकिन हम शांति, समृद्धि और आपसी सहअस्तित्व की दिशा में सार्थक कदम उठा रहे हैं।"
दूसरी ओर, ईरान के खातम अल अंबिया सेंट्रल मुख्यालय के आधिकारिक सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम अल फिकार ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। यह मुख्यालय आईआरजीसी और नियमित ईरानी सेना के अभियानों का समन्वय करता है।
इब्राहिम अल फिकार ने कहा कि अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया "अभूतपूर्व" होगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कई संदेश जारी करते हुए कहा, "आसमान की ओर देखिए। अमेरिकी आक्रामकता ऐसे समय में हुई है जब दक्षिणी लेबनान में युद्धविराम का उल्लंघन हुआ और वाशिंगटन अपने वादों से पीछे हट गया। आने वाली कार्रवाई के लिए तैयार रहिए, क्योंकि आज रात कोई आपकी रक्षा नहीं कर सकेगा।"
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से संयम बरतने और विवादों को कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील कर रहा है।
यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है।