लंदन।
उत्तर पश्चिम इंग्लैंड में होने जा रहे उपचुनाव से पहले ग्रीन पार्टी के एक उर्दू प्रचार वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को भारत और इजराइल के प्रधानमंत्रियों के साथ दिखाया गया है। इसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी शामिल है।
यह वीडियो मैनचेस्टर की गॉर्टन और डेंटन संसदीय सीट के लिए जारी किया गया था। इस सीट पर उपचुनाव होने वाला है और प्रमुख दलों ने प्रचार तेज कर दिया है। चुनावी मैदान में लेबर पार्टी, कंजर्वेटिव पार्टी और ग्रीन पार्टी आमने सामने हैं। सभी दल धुर दक्षिणपंथी पार्टी रिफॉर्म यूके के आप्रवासन विरोधी अभियान का मुकाबला करने की कोशिश कर रहे हैं।
ग्रीन पार्टी के इस वीडियो को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की छवियों का इस्तेमाल समुदायों के बीच गलत संदेश दे सकता है। कुछ नेताओं ने इसे चुनावी लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दों को उछालने की कोशिश बताया है।
स्टॉकपोर्ट से लेबर सांसद नवेंदु मिश्रा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ब्रिटेन की राजनीति में नस्लवाद या सांप्रदायिक तनाव के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कदम सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
उपचुनाव से पहले यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब आव्रजन, विदेश नीति और सामुदायिक संबंध जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बहुसांस्कृतिक समाज वाले इलाकों में इस तरह के प्रचार सामग्री का प्रभाव व्यापक हो सकता है।
फिलहाल ग्रीन पार्टी की ओर से इस विवाद पर विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। हालांकि चुनाव नजदीक होने के कारण यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बना रह सकता है।





