ईरान समझौता नहीं हुआ तो ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस’ शुरू करेंगे ट्रंप

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 09-05-2026
Trump to Launch ‘Project Freedom Plus’ If Iran Deal Fails
Trump to Launch ‘Project Freedom Plus’ If Iran Deal Fails

 

वॉशिंगटन

Donald Trump ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका और Iran के बीच संभावित समझौता अंतिम रूप नहीं लेता, तो उनका प्रशासन “प्रोजेक्ट फ्रीडम” को फिर से शुरू कर सकता है। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि इस बार यह अभियान और व्यापक रूप में चलाया जाएगा, जिसे उन्होंने “प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस” नाम दिया है।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होते हैं, तो अमेरिका “दूसरा रास्ता” अपनाएगा। उन्होंने कहा, “हम फिर से प्रोजेक्ट फ्रीडम की ओर लौट सकते हैं, लेकिन यह ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस’ होगा। इसका मतलब है कि पुराने अभियान के साथ कुछ अतिरिक्त कदम भी शामिल होंगे।”

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को लेकर वैश्विक चिंता बनी हुई है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है।

इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने घोषणा की थी कि “प्रोजेक्ट फ्रीडम” को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि यह फैसला पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर लिया गया। पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ अभियान में अमेरिका को “महत्वपूर्ण सैन्य सफलता” मिली है और दोनों पक्षों के बीच संभावित समझौते की दिशा में प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि परियोजना को कुछ समय के लिए इसलिए रोका गया ताकि यह देखा जा सके कि समझौते को अंतिम रूप देकर उस पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं या नहीं।

उन्होंने अपने बयान में कहा, “पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध, ईरान के खिलाफ हमारी बड़ी सैन्य सफलता और समझौते की दिशा में हुई प्रगति को देखते हुए हमने आपसी सहमति से तय किया है कि नाकाबंदी जारी रहने के बावजूद ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को थोड़े समय के लिए रोका जाएगा।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने यह परियोजना उस समय रोक दी जब Saudi Arabia ने अमेरिकी विमानों को अपने हवाई क्षेत्र और प्रिंस सुल्तान एयरबेस के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया। NBC News की रिपोर्ट में यह दावा किया गया था।

गौरतलब है कि ट्रंप ने “प्रोजेक्ट फ्रीडम” की घोषणा पिछले रविवार को की थी। इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना था। ट्रंप ने कहा था कि दुनिया के कई देशों ने अमेरिका से अपने जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद मांगी थी।

इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड United States Central Command (CENTCOM) ने सोमवार से अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत अमेरिकी सेना ने गाइडेड मिसाइल विध्वंसक जहाज, 100 से अधिक लड़ाकू विमान, ड्रोन प्लेटफॉर्म और करीब 15,000 सैनिकों को तैनात किया।

CENTCOM के अनुसार, अभियान का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग से गुजरने वाले व्यापारी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। हालांकि अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता होता है या नहीं। यदि वार्ता विफल होती है, तो “प्रोजेक्ट फ्रीडम प्लस” के जरिए क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।