आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका ने कहा है कि भारत के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारी मजबूत बनी हुई है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वाशिंगटन आने का दिया गया निमंत्रण दोनों नेताओं के बीच ‘‘बेहतरीन संबंधों’’ तथा दोनों देशों के बढ़ते रिश्तों का ‘‘प्रमाण’’ है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बृहस्पतिवार को कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध हाल में विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान स्पष्ट रूप से देखने को मिले।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के साथ हमारी एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी है... यह उस यात्रा के दौरान पूरी तरह दिखाई दी और वहां कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर चर्चा हुई, जिनमें महत्वपूर्ण खनिज और प्रौद्योगिकी सहयोग शामिल हैं।’’
पिगॉट ‘न्यूयॉर्क फॉरेन प्रेस सेंटर’ द्वारा चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के साथ आयोजित एक गोलमेज चर्चा के दौरान ‘पीटीआई’ के एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
रुबियो ने 23 से 26 मई के बीच कोलकाता, आगरा, जयपुर और नयी दिल्ली का दौरा किया था तथा विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मेजबानी में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया था।
क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन और मोदी-ट्रंप मुलाकात के संभावित समय को लेकर पूछे गए सवाल पर पिगॉट ने कहा कि इस संबंध में किसी भी घोषणा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस से संपर्क किया जाना चाहिए।
हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि रुबियो ने अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण दिया था।
पिगॉट ने कहा, ‘‘यात्रा के दौरान विदेश मंत्री (रुबियो) ने प्रधानमंत्री मोदी को राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से वाशिंगटन आने का निमंत्रण व्यक्तिगत रूप से दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बेहतरीन संबंधों का प्रमाण है, साथ ही हमारे दोनों देशों के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को भी दर्शाता है।’’
भारत-अमेरिका संबंधों में क्वाड की भूमिका को ‘‘महत्वपूर्ण’’ बताते हुए पिगॉट ने याद दिलाया कि जनवरी 2025 में पद संभालने के बाद रुबियो ने वाशिंगटन में जिस पहली बैठक की मेजबानी की थी, वह क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक थी।