वॉशिंगटन।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अन्य शीर्ष अधिकारियों ने सोमवार को कांग्रेस के नेताओं को वेनेजुएला में अचानक हुई सैन्य कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। इस बीच, यह चिंता बढ़ रही है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कदम बिना कांग्रेस की सहमति और स्पष्ट रणनीति के उठाया है।
रिपब्लिकन नेताओं ने बंद कमरे की बैठक में ट्रंप के फैसले का समर्थन किया, लेकिन डेमोक्रेट नेताओं ने कई सवाल उठाए। वर्तमान में अमेरिकी नौसेना के जहाज वेनेजुएला के तट पर तैनात हैं और ट्रंप ने अमेरिकी कंपनियों से देश की तेल संपत्ति में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया है।
हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा, “हम जमीन पर सैनिकों की उम्मीद नहीं कर रहे। यह कोई शासन परिवर्तन नहीं, बल्कि देश के नए नेतृत्व को सही दिशा में चलाने की मांग है।” उन्होंने कहा कि वेनेजुएला का नया नेतृत्व नार्कोटेररिज़्म और ड्रग्स की तस्करी में शामिल नहीं हो सकता।
हालांकि, वरिष्ठ डेमोक्रेट नेता जीन शाहीन और ग्रेगरी मीक्स ने लागत, रणनीति और अमेरिकी सैनिकों की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए। कांग्रेस को कार्रवाई के बारे में जानकारी बहुत देर से मिली, जिससे युद्ध संबंधी निर्णयों में संदेह पैदा हुआ।
सुरक्षा, न्याय विभाग और ड्रग्स तस्करी के मामलों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। हालांकि, वेनेजुएला में वास्तविक सत्ता संरचना अस्पष्ट बनी हुई है। विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को ट्रंप ने नकारा, जबकि उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज़ को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया गया।
रिपब्लिकन सेनैटर रिक स्कॉट ने कहा कि मचाडो भविष्य में राष्ट्रपति बन सकती हैं और वे चुनाव के जरिए लोकतंत्र स्थापित होंगी। वहीं, रैंड पॉल ने इस कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया और चेतावनी दी कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन कर सकता है।
इस बैठक के बाद स्पष्ट है कि वेनेजुएला में आगे की दिशा, चुनाव और अमेरिकी भूमिका को लेकर अमेरिका में असमंजस जारी है।