घरेलू हिंसा और बलात्कार के खिलाफ एकजुट होगा पंजाब: शाही इमाम का बड़ा एलान

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 07-01-2026
Punjab will unite against domestic violence and rape: Grand announcement by the Shahi Imam.
Punjab will unite against domestic violence and rape: Grand announcement by the Shahi Imam.

 

मलिक असग हाशमी /नई दिल्ली /चंडीगढ़

पंजाब में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और घरेलू हिंसा की घटनाओं को लेकर राज्य के शाही इमाम मौलाना उस्मान लुधियानवी ने वर्ष 2026 में एक व्यापक और संगठित जनआंदोलन खड़ा करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ते हुए दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा।

मौलाना उस्मान लुधियानवी ने अपने प्रस्तावित आंदोलन का प्रारंभिक खाका सार्वजनिक करते हुए स्पष्ट किया है कि इसमें पुलिस-प्रशासन, शिक्षण संस्थानों के प्रमुख, स्कूल-कॉलेजों के छात्र-शिक्षक, सामाजिक संगठन और राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उद्देश्य यह है कि पंजाब में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पीड़ितों को वास्तविक न्याय दिलाया जा सके।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में लगभग सात प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। वर्ष 2021 में जहां महिलाओं के खिलाफ अपराध के 5662 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2023 में यह संख्या घटकर 5258 रह गई। राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर 35.9 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 66.2 प्रतिशत से कम जरूर है, लेकिन इसे संतोषजनक नहीं माना जा सकता। यह दर प्रति एक लाख महिला आबादी पर दर्ज मामलों के आधार पर तय की जाती है।

हाल ही में जालंधर में सामने आए एक जघन्य मामले ने शाही इमाम को गहरे तौर पर झकझोर दिया। इस घटना में एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई थी। मौलाना उस्मान लुधियानवी का कहना है कि अक्सर ऐसे मामलों में प्रभावशाली लोग सामाजिक दबाव, पंचायतों या समझौतों के जरिए पीड़ित परिवार को प्रभावित कर आरोपियों को कानून से बचा लेते हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा।
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में मौलाना उस्मान लुधियानवी पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में अपने 2026 के आंदोलन का ऐलान करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह कहते हैं कि धर्म, जाति या राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए एकजुट होना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह आंदोलन लुधियाना से शुरू होकर पूरे पंजाब में फैलाया जाएगा।

मौलाना ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, छेड़छाड़ और बलात्कार जैसी घटनाओं के खिलाफ होगा। उनका कहना है कि बहनें, माताएं और बेटियां असुरक्षित महसूस कर रही हैं और इसे किसी भी सूरत में राजनीतिक या धार्मिक मुद्दा बनाकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समाज के हर वर्ग को मिलकर इसके खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी।

हालांकि आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा, समयसीमा और विभिन्न वर्गों की भूमिका को लेकर अभी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि आंदोलन कब शुरू होगा और कब तक चलेगा। लेकिन मौलाना का दावा है कि स्कूलों और कॉलेजों के माध्यम से युवाओं को जागरूक किया जाएगा और उन्हें इस सामाजिक बदलाव का हिस्सा बनाया जाएगा।

महिलाओं के अधिकारों के साथ-साथ मौलाना उस्मान लुधियानवी ने धर्म के नाम पर समाज में नफरत फैलाने वालों के खिलाफ भी 2026 में मोर्चा खोलने की घोषणा की है। उनका कहना है कि धर्म केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि चरित्र निर्माण का माध्यम है। दुर्भाग्य से कुछ लोग धर्म का इस्तेमाल नफरत, हिंसा और विभाजन के लिए कर रहे हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर बच्चों और महिलाओं पर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि देश में धर्म के नाम पर लिंचिंग और हिंसक घटनाएं चिंता का विषय हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ स्कूलों और कॉलेजों के जरिए वैचारिक आंदोलन चलाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी को इंसानियत, सहिष्णुता और कानून के सम्मान का पाठ पढ़ाया जा सके।

गौरतलब है कि मौलाना उस्मान लुधियानवी इससे पहले भी अपने बयानों और सामाजिक कार्यों को लेकर चर्चा में रहे हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ उनके कड़े बयान सुर्खियों में आए थे। इसके अलावा पंजाब में हालिया बाढ़ के दौरान पीड़ितों की मदद के लिए आगे आकर उन्होंने मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की, जिसकी सराहना मीडिया और समाज के विभिन्न वर्गों ने की।

कुल मिलाकर, मौलाना उस्मान लुधियानवी का यह प्रस्तावित आंदोलन पंजाब में सामाजिक चेतना को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। यदि यह आंदोलन अपने घोषित उद्देश्यों के अनुरूप आगे बढ़ता है, तो यह महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द के लिए एक निर्णायक पहल साबित हो सकता है।