लीबिया में सनसनी: मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की गोली मारकर हत्या, रहस्य बरकरार

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 04-02-2026
Sensational news from Libya: Muammar Gaddafi's son, Saif al-Islam Gaddafi, has been shot dead, but the mystery remains.
Sensational news from Libya: Muammar Gaddafi's son, Saif al-Islam Gaddafi, has been shot dead, but the mystery remains.

 

रियाद 

लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे और कभी देश के सबसे ताक़तवर चेहरों में शुमार सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की हत्या कर दी गई है। यह चौंकाने वाली जानकारी Al Jazeera के संवाददाता अहमद खलीफा ने मंगलवार को दी। रिपोर्ट के मुताबिक, सैफ अल-इस्लाम को पश्चिमी लीबिया के ज़िंटान शहर में गोली मारी गई, जहां वह पिछले करीब एक दशक से रह रहे थे।

सैफ अल-इस्लाम की उम्र 53 वर्ष बताई जा रही है। उनके राजनीतिक सलाहकार अब्दुल्ला उस्मान ने मौत की पुष्टि तो की है, लेकिन हत्या की परिस्थितियों, हमलावरों की पहचान और इसके पीछे की वजहों को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। लीबियाई अधिकारियों ने भी अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे रहस्य और गहरा गया है।

हालांकि सैफ अल-इस्लाम ने कभी कोई औपचारिक सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन 2000 से 2011 के बीच उन्हें अपने पिता के बाद लीबिया का दूसरा सबसे प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता था। पश्चिमी शिक्षा प्राप्त सैफ ने खुद को गद्दाफी शासन के “प्रगतिशील चेहरे” के तौर पर पेश किया था और लीबिया के पश्चिमी देशों से रिश्ते सुधारने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने 2008 में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीएचडी की डिग्री भी हासिल की थी।

2011 के अरब स्प्रिंग के दौरान, जब लीबिया में व्यापक विद्रोह और हिंसा भड़की, सैफ अल-इस्लाम का रुख बेहद आक्रामक रहा। उन्होंने खुलेआम कहा था, “हम लीबिया में लड़ेंगे और यहीं मरेंगे,” साथ ही चेतावनी दी थी कि देश खून से भर जाएगा और सरकार आखिरी गोली तक लड़ेगी। इसी विद्रोह के दौरान उनके पिता मुअम्मर गद्दाफी की भी विपक्षी लड़ाकों द्वारा हत्या कर दी गई थी।

2011 में त्रिपोली पर विद्रोहियों के कब्जे के बाद भागने की कोशिश में सैफ को ज़िंटान में गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में, 2017 में उन्हें आम माफी के तहत रिहा कर दिया गया। हालांकि, मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों के चलते International Criminal Court (ICC) ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था और लीबिया की एक अदालत ने उनकी अनुपस्थिति में उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।

जेल से रिहाई के बाद सैफ अल-इस्लाम लंबे समय तक जान के खतरे के चलते ज़िंटान में छिपकर रहे। अब उनकी रहस्यमय हत्या ने एक बार फिर लीबिया की अस्थिर राजनीति, गृहयुद्ध की विरासत और गद्दाफी परिवार से जुड़े अधूरे सवालों को अंतरराष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है।