दुबई |
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर स्पेन ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है। इस प्रस्तावित फैसले का उद्देश्य बच्चों को हानिकारक डिजिटल कंटेंट, गलत सूचना और ऑनलाइन शोषण से बचाना है।
मीडिया रिपोर्ट Politico के मुताबिक, पेड्रो सांचेज़ ने यह घोषणा दुबई में आयोजित वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के दौरान की। उन्होंने साफ कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को केवल “चेक बॉक्स” जैसी औपचारिकता नहीं, बल्कि मजबूत और प्रभावी आयु-सत्यापन (Age Verification) सिस्टम लागू करने होंगे। सांचेज़ के शब्दों में, “बच्चों को आज ऐसे डिजिटल माहौल में छोड़ दिया गया है, जिसे वे अकेले संभालने में सक्षम नहीं हैं।”
सरकार की यह प्रस्तावित नीति अगले सप्ताह स्पेन की कैबिनेट यानी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स से मंजूरी के लिए पेश की जा सकती है। इसके तहत संसद में विचाराधीन एक मसौदा कानून में संशोधन किया जाएगा। मौजूदा कानून सोशल मीडिया के लिए न्यूनतम आयु 16 वर्ष तय करता है, लेकिन नया प्रस्ताव इससे एक कदम आगे बढ़ते हुए नाबालिगों के सोशल मीडिया अकाउंट बनाने पर सीधे रोक लगाने की बात करता है।
स्पेन का यह कदम यूरोप में बच्चों की डिजिटल गतिविधियों को नियंत्रित करने की व्यापक मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है। डेनमार्क पहले ही 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की योजना का ऐलान कर चुका है, जबकि फ्रांस भी इसी तरह के नियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं पुर्तगाल में ऐसा मसौदा कानून पेश किया गया है, जिसमें 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर माता-पिता की सहमति अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
पेड्रो सांचेज़ ने बताया कि यह प्रतिबंध डिजिटल सुधारों के एक बड़े पैकेज का हिस्सा है, जिसका मकसद “ऑनलाइन स्पेस पर दोबारा नियंत्रण हासिल करना” है। इन सुधारों में सोशल मीडिया कंपनियों के अधिकारियों को प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट के लिए कानूनी रूप से जवाबदेह ठहराना, गलत सूचना और नफरत फैलाने वाली सामग्री की ट्रैकिंग के लिए विशेष टूल्स लाना, और गैरकानूनी कंटेंट को बढ़ावा देने वाले एल्गोरिद्म से छेड़छाड़ को अपराध की श्रेणी में लाना शामिल है।
यूरोपीय संघ के Digital Services Act (DSA) के तहत पहले से ही प्लेटफॉर्म्स पर हानिकारक कंटेंट के जोखिम को कम करने की जिम्मेदारी डाली गई है। यूरोपीय आयोग के प्रवक्ता थॉमस रेग्नियर ने कहा कि आयोग बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सदस्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। गौरतलब है कि दिसंबर में यूरोपीय आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पारदर्शिता नियमों के उल्लंघन को लेकर 12 करोड़ यूरो का जुर्माना भी लगाया था।
स्पेन का यह प्रस्ताव यूरोप में डिजिटल दुनिया को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।