नई दिल्ली
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दुनिया भर से शुभकामनाओं का सिलसिला देखने को मिला। इस खास मौके पर रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के राजनयिक प्रतिनिधियों ने भारत और उसके नागरिकों को बधाई देते हुए मित्रता, साझेदारी और साझा मूल्यों पर जोर दिया।
रूस: बहुभाषी शुभकामनाओं के साथ दोस्ती का संदेश
भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं हिंदी भाषा में दीं। उन्होंने कहा,“प्रिय भारतीय मित्रों, गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई।”
इसके साथ ही रूसी दूतावास के अन्य राजनयिकों ने भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देते हुए ओड़िया, बंगाली, मलयालम, पंजाबी, उर्दू, तमिल, असमिया, संस्कृत, गुजराती, तेलुगु, कन्नड़ और मराठी जैसी कई भारतीय भाषाओं में भी शुभकामनाएं दीं। इसे भारत-रूस के गहरे सांस्कृतिक और जन-जन के स्तर पर रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।
जापान: सांस्कृतिक विविधता की सराहना
भारत में जापान के राजदूत केइची ओनो ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भारत को बधाई देते हुए लिखा,“भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। माननीय राष्ट्रपति से ‘एट-होम’ समारोह का निमंत्रण पाकर उत्सव में शामिल होने को उत्सुक हूं। यह भारत की समृद्ध और विविध संस्कृति की याद दिलाता है।”
उनका यह संदेश भारत-जापान के मजबूत कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।
बांग्लादेश: हर भारतीय को बधाई
भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने भी सोशल मीडिया पर भारतवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा,“बांग्लादेश भारत में रहने वाले हर महिला, पुरुष और बच्चे को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देता है।”
उन्होंने यह संदेश कई भारतीय भाषाओं में साझा किया, जो भारत-बांग्लादेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक रिश्तों को रेखांकित करता है।
ऑस्ट्रेलिया: साझा तारीख, साझा भावना
भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने 26 जनवरी की ऐतिहासिक समानता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह दिन भारत और ऑस्ट्रेलिया—दोनों देशों के लिए खास है। उन्होंने लिखा,“26 जनवरी ऑस्ट्रेलियाई और भारतीयों के लिए एक साझा और विशेष दिन है। #AustraliaDay और #RepublicDay की हार्दिक शुभकामनाएं और भारत-ऑस्ट्रेलिया दोस्ती के एक और मजबूत वर्ष की कामना।”
ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अपनाया और एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ। यह दिन स्वतंत्रता संग्राम के लंबे संघर्ष और न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व पर आधारित संवैधानिक शासन की स्थापना का प्रतीक है।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की, जबकि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।