काराकस।
राजनीतिक उथल-पुथल और अस्थिरता के दौर से गुजर रहे वेनेजुएला में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार में उपराष्ट्रपति रह चुकीं डेल्सी रॉड्रिग्ज ने रविवार को वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की। राजधानी काराकस स्थित संसद भवन में आयोजित विशेष सत्र के दौरान उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
डेल्सी रॉड्रिग्ज को उनके भाई और नेशनल असेंबली के प्रमुख नेता जॉर्ज रॉड्रिग्ज ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान देश के वरिष्ठ नेता, सांसद और सरकारी अधिकारी मौजूद रहे। यह समारोह ऐसे समय में हुआ है, जब वेनेजुएला गंभीर राजनीतिक संकट, अंतरराष्ट्रीय दबाव और आंतरिक असंतोष का सामना कर रहा है।
शपथ लेते समय डेल्सी रॉड्रिग्ज ने भावुक शब्दों में देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दाहिना हाथ उठाकर कहा कि वह वेनेजुएला के लोगों के दर्द और पीड़ा को समझते हुए यह जिम्मेदारी स्वीकार कर रही हैं। उन्होंने कथित “नाजायज सैन्य हस्तक्षेप” का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटनाक्रम ने देश और जनता को गहरी चोट पहुंचाई है। इसके साथ ही उन्होंने दो राष्ट्रीय नायकों के अपहरण का जिक्र करते हुए गहरा दुख प्रकट किया।
डेल्सी रॉड्रिग्ज ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी प्राथमिकता देश में स्थिरता बहाल करना, राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करना और जनता के हितों को सर्वोपरि रखना होगा। उन्होंने संसद और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने का भरोसा दिलाया और सभी राजनीतिक ताकतों से संवाद की अपील की।
विशेषज्ञों के अनुसार, डेल्सी रॉड्रिग्ज का अंतरिम राष्ट्रपति बनना वेनेजुएला की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। वह लंबे समय से मादुरो प्रशासन का अहम चेहरा रही हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सरकार का पक्ष रखती रही हैं। ऐसे में उनके नेतृत्व को समर्थक जहां निरंतरता के रूप में देख रहे हैं, वहीं विपक्ष इस कदम को लेकर सवाल उठा रहा है।
फिलहाल, देश और दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि डेल्सी रॉड्रिग्ज अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में वेनेजुएला को इस संकट से निकालने के लिए कौन से ठोस कदम उठाती हैं और क्या उनके नेतृत्व में राजनीतिक स्थिरता की राह बन पाएगी।






.png)