पीएम ताकाइची, ट्रंप से फोन पर चीन और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 16-05-2026
PM Takaichi Discusses China and Security Issues with Trump over Phone
PM Takaichi Discusses China and Security Issues with Trump over Phone

 

टोक्यो

Sanae Takaichi ने कहा है कि जापान भविष्य में भी Donald Trump के साथ करीबी सहयोग जारी रखेगा। शुक्रवार को दोनों नेताओं के बीच हुई टेलीफोन वार्ता में चीन, आर्थिक सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और मध्य पूर्व की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

यह बातचीत ऐसे समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अपना तीन दिवसीय चीन दौरा पूरा कर वापस लौट रहे थे। जापानी प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि एयर फोर्स वन से लौटते समय राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें फोन किया और चीन यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

ताकाइची ने अपने बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने चीन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया, जिनमें अर्थव्यवस्था, आर्थिक सुरक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा से संबंधित विषय प्रमुख रहे। उन्होंने कहा कि जापान और अमेरिका वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जापानी प्रधानमंत्री ने ईरान की स्थिति पर भी अपनी सरकार का रुख दोहराया। उन्होंने ट्रंप से कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है और इस दिशा में जापान अमेरिका के साथ मिलकर काम करता रहेगा। ताकाइची ने कहा कि इंडो-पैसिफिक और मध्य पूर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “जापान-अमेरिका गठबंधन को और मजबूत करने तथा इंडो-पैसिफिक और मध्य पूर्व की परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए हम राष्ट्रपति ट्रंप के साथ निकट सहयोग जारी रखेंगे।”

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन के साथ साइबर गतिविधियों को लेकर भी बड़ा बयान दिया। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि अमेरिका और चीन दोनों एक-दूसरे के खिलाफ व्यापक साइबर जासूसी गतिविधियां संचालित करते हैं।

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इस विषय पर सीधे Xi Jinping से चर्चा की। उन्होंने कहा, “मैंने उनसे इस बारे में बात की। उन्होंने चीन में अमेरिका द्वारा किए गए साइबर हमलों का जिक्र किया। लेकिन यह भी सच है कि चीन अमेरिका में जासूसी करता है और हम भी उन पर कड़ी नजर रखते हैं।”

ट्रंप के इस बयान को अमेरिका-चीन संबंधों में बढ़ते तनाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, साइबर सुरक्षा और रणनीतिक प्रभाव को लेकर प्रतिस्पर्धा लगातार तेज हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जापान और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग एशिया-प्रशांत क्षेत्र की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है। चीन के बढ़ते प्रभाव, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए टोक्यो और वाशिंगटन अपने रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ताकाइची और ट्रंप की यह बातचीत केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर क्षेत्रीय और वैश्विक रणनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।