ट्रंप चीन यात्रा से लौटे, शी के साथ बैठक को ‘जी-2’ शिखर वार्ता बताया

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 16-05-2026
Trump returns from China trip, calls meeting with Xi a 'G-2' summit
Trump returns from China trip, calls meeting with Xi a 'G-2' summit

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की यात्रा से लौट आए और उन्होंने राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ हुई वार्ता को ‘‘दो महान देशों के नेताओं की मुलाकात’’ बताया।

ट्रंप शुक्रवार शाम मैरीलैंड स्थित ‘जॉइंट बेस एंड्रूज’ पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि इस यात्रा के दौरान कई अहम व्यापारिक समझौते हुए, जिनमें बोइंग के 200 विमानों की चीन को बिक्री तथा भविष्य में 750 अतिरिक्त विमान खरीदने का वादा शामिल है। उन्होंने चीन द्वारा अमेरिकी कृषि क्षेत्र को समर्थन देने की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया।
 
बृहस्पतिवार को शी चिनफिंग के साथ मुलाकात के बाद ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, ‘‘ये दो महान देश हैं। मैं इसे ‘जी-2’ कहता हूं। मुझे लगता है कि इतिहास में इसे एक बेहद अहम क्षण के रूप में याद किया जाएगा।’’
 
‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने अपनी खबर में कहा कि ट्रंप के इस बयान से चीन को वह दर्जा मिला, जिसकी राष्ट्रपति शी लंबे समय से अपेक्षा कर रहे थे यानी अमेरिका के समकक्ष एक महाशक्ति के रूप में पहचान।
 
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘दो दिनों तक चली बैठकों के दौरान सुनियोजित समारोह, भव्य स्वागत और दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली नेताओं के बीच मित्रता तथा पारस्परिक सम्मान के प्रदर्शन ने उस भू-राजनीतिक समीकरण को स्पष्ट रूप से सामने ला दिया, जिसकी चीन लंबे समय से इच्छा रखता रहा है और जिसका अमेरिका अब तक प्रतिरोध करता आया था।’’
 
ट्रंप ने ‘फॉक्स न्यूज’ से बातचीत में यह भी कहा कि शी चिनफिंग के साथ अच्छे संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जब तक वह सत्ता में हैं, तब तक चीन संभवतः ताइवान के खिलाफ कोई आक्रामक कदम नहीं उठाएगा।
 
ट्रंप ने कहा, ‘‘यह ताइवान पर कब्जे का मामला नहीं है। वे (चीन) सिर्फ यह नहीं चाहता कि ताइवान खुद को एक स्वतंत्र देश घोषित करे।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘जब तक मैं (सत्ता) में हूं, मुझे नहीं लगता कि वे कुछ करेंगे। लेकिन मेरे बाद वे ऐसा कर सकते हैं।’’
 
ट्रंप ने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि चीन शांत रहे। हम युद्ध नहीं चाहते। अगर मौजूदा स्थिति बनी रहती है, तो मुझे लगता है कि चीन भी इससे संतुष्ट रहेगा।’’