फ्लाईदुबई के सह-पायलट पर नए खुलासे, अलकायदा से जुड़ी सामग्री साझा करने का आरोप

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 03-10-2026
New revelations about Flydubai co-pilot; accused of sharing Al-Qaeda-linked content.
New revelations about Flydubai co-pilot; accused of sharing Al-Qaeda-linked content.

 

नई दिल्ली

फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर कथित हमले के मामले में सह-पायलट हमाम अल-हमामी को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। अमेरिकी मीडिया संस्थान सीबीएस न्यूज और सीएनएन की रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी ने पहले ओमान एयर में पायलट प्रशिक्षण लिया था। इस दौरान सरकारी निगरानी में उसके कट्टरपंथी वेबसाइटों पर जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद उसे सक्रिय उड़ान ड्यूटी से हटाकर कार्यालय से जुड़ी जिम्मेदारियां दी गई थीं।

रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अल-हमामी ने डेस्क ड्यूटी पर भेजे जाने के बाद ओमान एयर से इस्तीफा दे दिया था। बताया जाता है कि उसने वर्ष 2024 के आसपास एयरलाइन छोड़ दी थी। हालांकि, इन दावों और घटनाक्रम की ओमानी सरकार की ओर से सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है।

कट्टरपंथी विचारों को लेकर पहले भी उठे थे सवाल

अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट के अनुसार, अल-हमामी को कथित तौर पर चरमपंथी विचारों से जुड़ी चिंताओं के कारण ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। सूत्रों ने इन विचारों को सीरिया में उसके पहले के प्रवास से भी जोड़ा है।

सीबीएस न्यूज के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, ओमान एयर छोड़ने के बाद वह दुबई चला गया और बाद में फ्लाईदुबई में नियुक्त हुआ। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फ्लाईदुबई में नियुक्ति से पहले ओमान सरकार के माध्यम से उसकी पृष्ठभूमि की औपचारिक जांच नहीं की गई थी।

सूत्रों के अनुसार, अल-हमामी ओमानी नागरिक है, लेकिन उसका जन्म ओमान में नहीं हुआ था और उसने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा विदेश में बिताया। उसकी मां सीरियाई मूल की और पिता ओमानी बताए गए हैं। हालांकि, ओमान सरकार ने उसकी नागरिकता और पृष्ठभूमि से जुड़ी इन जानकारियों पर सार्वजनिक रूप से विस्तृत बयान नहीं दिया है।

लिंक्डइन पोस्ट में अलकायदा नेताओं की तस्वीरों का दावा

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, हमाम अल-हमामी के नाम से जुड़े एक लिंक्डइन प्रोफाइल पर बुधवार की घटना के लगभग नौ घंटे बाद दो पोस्ट प्रकाशित हुई थीं। इन पोस्ट में कॉकपिट के अंदर से रिकॉर्ड किए गए एक विमान के वीडियो और अलकायदा से जुड़े लोगों की तस्वीरें होने की बात कही गई है।

हालांकि, सीएनएन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभी तय नहीं है कि इन पोस्ट को वास्तव में किसने प्रकाशित किया था या वे पहले से निर्धारित समय पर पोस्ट होने के लिए शेड्यूल की गई थीं। रिपोर्ट में एक सूत्र ने प्रोफाइल को घटना से जुड़े पायलट का बताया है।

लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, अल-हमामी ने ओमान एयर में लगभग सात साल काम किया था। इस अवधि का समापन फरवरी 2025 में बताया गया है। इसके बाद उसने जून 2025 से जनवरी 2026 तक मोरक्को की राष्ट्रीय विमानन कंपनी रॉयल एयर मैरोक में काम किया। हालांकि, इस प्रोफाइल में फ्लाईदुबई में काम करने का उल्लेख नहीं था।

इजरायली अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि संबंधित पायलट घटना से पहले आठ महीने तक फ्लाईदुबई में कार्यरत था। उसकी शैक्षणिक जानकारी में इंग्लैंड की बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने का भी उल्लेख था।

वीडियो में इजरायली विमान और अलकायदा नेताओं की तस्वीरें

सीएनएन के अनुसार, लिंक्डइन पर प्रकाशित पहली पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स विमान के कॉकपिट के अंदर से रिकॉर्ड किए गए वीडियो के हिस्से दिखाई दिए। वीडियो के एक हिस्से को सीएनएन ने दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़कर देखा। इसमें कैमरा संचालित करने वाला व्यक्ति इजरायली एयरलाइन एल अल के एक विमान की ओर कैमरा जूम करता दिखाई देता है।

वीडियो में कॉकपिट डिस्प्ले पर उड़ान संख्या OMA624 और 11 अक्टूबर 2023 की तारीख दिखाई देने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह उड़ान संख्या दुबई और मस्कट के बीच संचालित होने वाली नियमित सेवाओं से मेल खाती है।

वीडियो के अंत में अलकायदा के पूर्व नेता अयमान अल-जवाहिरी की तस्वीर दिखाई देने का दावा किया गया है। जवाहिरी ने ओसामा बिन लादेन के बाद अलकायदा का नेतृत्व संभाला था। वर्ष 2022 में अमेरिकी ड्रोन हमले में उसकी मौत हो गई थी।

वीडियो में हमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीर भी दिखाई देने की बात कही गई है। अल-बलावी अलकायदा से जुड़ा एक व्यक्ति था, जो 2009 में अफगानिस्तान में हुए आत्मघाती हमले के लिए जिम्मेदार था। उस हमले में सात अमेरिकी सीआईए अधिकारियों और ठेकेदारों सहित नौ लोगों की मौत हुई थी।

सीएनएन के मुताबिक, दूसरी लिंक्डइन पोस्ट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार एक ग्राफिक था। इसमें मक्का, मदीना और यरुशलम स्थित इस्लाम के तीन पवित्र स्थलों को रोशनी से बने एक रास्ते के जरिए जुड़ा हुआ दिखाया गया था। इसके साथ पृष्ठभूमि में एक कविता सुनाई दे रही थी, जिसमें विरोध, मौत के सामने निडरता और सम्मान की रक्षा जैसे विषय शामिल थे।

हालांकि, इन पोस्ट की वास्तविकता, उन्हें प्रकाशित करने वाले व्यक्ति और उनके पीछे की मंशा की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

कॉकपिट में कथित हमले के बाद विमान 16 हजार फीट नीचे आया

यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई थी। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या सह-पायलट अल-हमामी ने कॉकपिट के भीतर कैप्टन स्मित मच्छर पर जानबूझकर हमला किया था और क्या उसका मकसद विमान को दुर्घटनाग्रस्त करना था।

रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट के भीतर दोनों के बीच संघर्ष के दौरान विमान लगभग दो मिनट में करीब 16,000 फीट नीचे आ गया। इस दौरान आपातकालीन हाईजैक अलर्ट जारी किया गया।

गंभीर चोटें लगने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने कथित हमलावर का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद विमान के अन्य चालक दल के सदस्य और कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और उन्होंने मिलकर सह-पायलट को काबू में किया।

सऊदी अरब के तबुक में विमान की आपात लैंडिंग

स्थिति को नियंत्रित करने में दो ऐसे पायलटों ने भी मदद की, जो उस समय ड्यूटी पर नहीं थे। उन्होंने विमान के चालक दल को विमान संभालने में सहायता दी। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपात लैंडिंग कराई गई।

विमान में सवार सभी 180 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के बाद से संबंधित अधिकारियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

फिलहाल जांच का एक प्रमुख पहलू यह है कि कॉकपिट में हुआ कथित हमला व्यक्तिगत विवाद, कट्टरपंथी विचारधारा या किसी अन्य उद्देश्य से जुड़ा था। सोशल मीडिया पोस्ट, आरोपी के पूर्व रोजगार और उसकी कथित ऑनलाइन गतिविधियों से संबंधित दावों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही हो सकेगी।

महत्वपूर्ण बात: आरोपी की कथित चरमपंथी गतिविधियों, सोशल मीडिया पोस्ट और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की मंशा से जुड़े दावे मीडिया रिपोर्टों और सूत्रों पर आधारित हैं। इन्हें अभी जांच में अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।