आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वैज्ञानिकों ने चंद्रमा पर एक ऐसे नए गड्ढे की खोज की है जो रोम के कोलोसियम से भी बड़ा है। यह गड्ढा दो साल पहले हुई एक शक्तिशाली टक्कर के कारण बना था, लेकिन उस समय इसका पता नहीं चल पाया था।
करीब 728 फुट चौड़ा और 141 फुट तक गहरा यह गड्ढा हाल के समय में सौर मंडल में बना ज्ञात सबसे बड़ा प्रभाव-गड्ढा है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, इतनी बड़ी टक्कर की घटना करीब 132 साल में एक बार होने का अनुमान है। नासा द्वारा चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों के लिए आधार बनाने की तैयारी के बीच यह घटना वैज्ञानिकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने का दुर्लभ अवसर है।
‘साइंस एडवांसेज’ पत्रिका में बुधवार को प्रकाशित दो अध्ययनों में से एक में वैज्ञानिकों ने कहा कि यह घटना ‘‘सांख्यिकीय रूप से दुर्लभ, लगभग जीवन में एक बार होने वाला अवलोकन’’ है।
नासा के लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (एलआरओ) ने मई 2024 में चंद्रमा के पृथ्वी की ओर वाले हिस्से में इस गड्ढे को देखा था। यह किसी क्षुद्रग्रह या धूमकेतु के टुकड़े के चंद्रमा से टकराने के बाद बना था। पृथ्वी और अंतरिक्ष में मौजूद दूरबीनें वास्तविक समय में इस टक्कर का पता नहीं लगा सकीं।