विश्व कप में मोरक्को पर फिर इतिहास दोहराने का दबाव

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 05-06-2026
Morocco faces pressure to repeat history at the World Cup
Morocco faces pressure to repeat history at the World Cup

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 


 
वर्ष 2022 फीफा विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचकर इतिहास रचने वाला मोरक्को इस बार फिर बड़ी उम्मीदों के साथ विश्व कप में उतरने जा रहा है। हालांकि पिछले कुछ महीनों में टीम को मैदान से ज्यादा विवादों और कानूनी लड़ाइयों के कारण सुर्खियों में रहना पड़ा है।
 
कतर विश्व कप में मोरक्को ने स्पेन और पुर्तगाल जैसी मजबूत टीमों को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी और ऐसा करने वाला पहला अफ्रीकी देश बना था। इस उपलब्धि ने पूरे अफ्रीका में उत्साह की लहर पैदा कर दी थी। लेकिन हाल ही में आयोजित अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के फाइनल ने टीम को विवादों के केंद्र में ला खड़ा किया।
 
जनवरी में खेले गए फाइनल मुकाबले में सेनेगल ने अतिरिक्त समय में 1-0 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया था। हालांकि बाद में अफ्रीकी फुटबॉल परिसंघ (सीएएफ) ने फैसला सुनाया कि सेनेगल की टीम ने मैच के दौरान विरोध स्वरूप मैदान छोड़ दिया था, जिसके कारण नियमों के तहत परिणाम पलट दिया गया। सीएएफ ने सेनेगल की जीत को 3-0 की तकनीकी हार में बदलते हुए मोरक्को को चैंपियन घोषित कर दिया।
 
सेनेगल ने इस फैसले के खिलाफ स्विट्जरलैंड स्थित खेल पंचाट न्यायालय में अपील की है, जिसके चलते इस खिताब पर अंतिम फैसला अभी बाकी है। इसी वजह से मोरक्को में जीत का जश्न भी फीका रहा।
 
अब मोरक्को की नजरें विश्व कप पर हैं। टीम 13 जून को अपने पहले मुकाबले में पांच बार की चैंपियन ब्राजील से भिड़ेगी। इसके बाद 19 जून को स्कॉटलैंड और 24 जून को हैती के खिलाफ ग्रुप चरण के मैच खेलेगी।
 
मोरक्को ने फुटबॉल के विकास और वैश्विक पहचान बनाने के लिए हाल के वर्षों में भारी निवेश किया है। वर्ष 2030 के विश्व कप की सह-मेजबानी हासिल करना भी इसी रणनीति का हिस्सा है। ऐसे में इस विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करना टीम और देश दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।