आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि चीन के प्रति मोदी सरकार का ‘‘सुनियोजित समर्पण’’ जारी है, जबकि इस पड़ोसी देश के साथ भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है जिससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) सहित देश के उद्योग को नुकसान हो रहा है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक खबर साझा की, जिसमें दावा किया गया है कि भारत ने देश में कारखाने स्थापित कर चुकी चार चीनी बिजली उपकरण विनिर्माता कंपनियों को महत्वपूर्ण बिजली परियोजनाओं के लिए सरकारी निविदाओं में भाग लेने की अनुमति दी है।
रमेश ने कहा, ‘‘चीन के प्रति मोदी सरकार का सुनियोजित समर्पण जारी है, जबकि उस देश के साथ भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जिससे विशेष रूप से एमएसएमई सहित हमारे उद्योग के बड़े हिस्से को नुकसान हो रहा है।’’
उन्होंने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की उकसावे वाली गतिविधियां लगातार जारी हैं।
रमेश ने दावा किया, ‘‘मेदोग में दुनिया की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना पर काम जारी है, जिससे ब्रह्मपुत्र नदी के संदर्भ में भारत की जल सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। पूर्वी लद्दाख में कई स्थानों पर भारत के पारंपरिक गश्त का अधिकार छोड़ दिया गया है।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 19 जून, 2020 को लद्दाख में देश के 20 जवानों के शहीद होने के बाद भी चीन को सार्वजनिक रूप से ‘‘क्लीन चिट’’ दे दी थी।
उन्होंने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की गतिविधियों में चीन की महत्वपूर्ण भूमिका को थल सेना के उप प्रमुख ने स्वीकार किया था और इसका दस्तावेजीकरण भी किया गया है।’’
रमेश ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद चीन के प्रति सरकार का ‘‘समर्पण’’ लगातार जारी है।