लोनाटो विश्व कप में भारतीय शॉटगन निशानेबाजों के सामने प्रतिष्ठा वापस पाने की चुनौती

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 03-07-2026
Indian shotgun shooters face challenge to regain glory at Lonato World Cup
Indian shotgun shooters face challenge to regain glory at Lonato World Cup

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
पिछले दो विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाले भारतीय शॉटगन निशानेबाज इटली के लोनाटो में शनिवार से शुरू हो रहे सत्र के तीसरे आईएसएसएफ शॉटगन विश्व कप में मजबूत वापसी की कोशिश करेंगें।
 
एशियाई खेलों में अब अधिक समय नहीं बचा है ऐसे में शॉटगन वर्ग के निशानेबाजों की खराब फॉर्म भारतीय खेमे के लिए चिंता का विषय बन गई है। यह स्थिति इसलिए भी अधिक गंभीर है क्योंकि राइफल और पिस्टल निशानेबाज लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
 
भारतीय शॉटगन निशानेबाजों के लिए लोनाटो विश्व कप और इसके बाद इसी महीने चीन के हांगझोउ में होने वाला आईएसएसएफ विश्व कप एशियाई खेलों से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने के दो बड़े मौके हैं।
 
भारतीय टीम को अपने विदेशी कोच ब्रिटेन के ओलंपिक डबल ट्रैप चैंपियन पीटर विल्सन के मार्गदर्शन में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। पिछले दो विश्व कप में उनके मार्गदर्शन का अपेक्षित असर देखने को नहीं मिला।
 
भारत की ओर से किनान चेनाई, अहवर रिजवी और शपथ भारद्वाज पुरुष ट्रैप स्पर्धा में उतरेंगे। घरेलू ट्रायल और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद यह तिकड़ी इस सत्र के दोनों विश्व कप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव छोड़ने में असफल रही।
 
आंकड़े भी भारत की कमजोर स्थिति को दर्शाते हैं। किनान का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मोरक्को विश्व कप में 125 में 119 अंक के साथ 13वां स्थान रहा। मई में अल्माटी विश्व कप में शपथ 118 अंकों के साथ 16वें और रिजवी 115 अंकों के साथ 39वें स्थान पर रहे।
 
पुरुष स्कीट स्पर्धा में भी तस्वीर अलग नहीं है। एशियाई खेलों के लिए चुने गए अनंतजीत सिंह नरूका, भवतेग सिंह गिल और अनुभवी ओलंपियन मैराज अहमद खान भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। अल्माटी विश्व कप में मैराज और भवतेग ने 119-119 अंक बनाकर क्रमशः 18वां और 19वां स्थान हासिल किया जबकि नरूका 117 अंकों के साथ 38वें स्थान पर रहे।