वॉशिंगटन।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष “लगभग खत्म होने” की स्थिति में पहुंच चुका है। हालांकि, जमीनी स्तर पर बातचीत में गतिरोध अभी भी बना हुआ है और समाधान की राह पूरी तरह साफ नहीं हुई है।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि यह लगभग खत्म हो चुका है। मैं इसे खत्म होने के बेहद करीब मानता हूं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका रणनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में है और यदि वह अभी पीछे हट जाए, तो ईरान को दोबारा खड़ा होने में दशकों लग सकते हैं।
ट्रंप के इस बयान के बीच कूटनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता की संभावना पर विचार किया जा रहा है। पहली बार 21 घंटे तक चली बातचीत इस्लामाबाद में बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हुई थी, लेकिन अब दोनों पक्ष फिर से बातचीत की मेज पर लौट सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, संभावित दूसरे दौर की वार्ता में अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance एक बार फिर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर सकते हैं। इसके अलावा ट्रंप के विशेष दूत Steve Witkoff और उनके दामाद Jared Kushner भी वार्ता में शामिल हो सकते हैं।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान समझौता करने के लिए “बेहद उत्सुक” है, जो इस बात का इशारा करता है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल दूसरे दौर की वार्ता को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान एक तरफ जहां अमेरिका के आत्मविश्वास को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह कूटनीतिक दबाव की रणनीति भी हो सकता है। ऐसे समय में जब सैन्य और राजनीतिक तनाव चरम पर है, बातचीत की संभावनाएं उम्मीद की एक किरण बनकर उभर रही हैं।
फिलहाल, दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच अगला दौर शुरू होता है और क्या यह बातचीत वास्तव में संघर्ष के अंत की ओर ले जा पाएगी।