टोरंटो/नई दिल्ली:
कनाडा के नियाग्रा क्षेत्र में भारतीय मूल की छात्रा विधि मेघा की हत्या के बाद भारत और कनाडा में शोक का माहौल है। टोरंटो स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि वह पीड़ित परिवार के लगातार संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि सेंट कैथरीन, नियाग्रा में भारतीय अंतरराष्ट्रीय छात्रा विधि मेघा की मृत्यु की खबर बेहद दुखद है। दूतावास ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और कनाडा में मौजूद परिजनों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। साथ ही अंतिम संस्कार की व्यवस्था और पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया में भी पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
गुजरात के बोरसद की रहने वाली 22 वर्षीय विधि मेघा की 15 मई को कनाडा के नियाग्रा क्षेत्र के सेंट कैथरीन शहर में हत्या कर दी गई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन पर चाकू से हमला किया गया था। पुलिस इस मामले को हत्या के रूप में जांच रही है।
विधि के पिता कल्पेशभाई मेघा ने अपनी बेटी का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत भेजे जाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि परिवार अपनी बेटी का अंतिम संस्कार भारत में ही करना चाहता है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर पार्थिव शरीर परिवार को सौंपा जाए।
कल्पेशभाई ने बताया कि उन्हें अपनी बेटी की मौत की जानकारी पुलिस से मिली। इसके बाद उन्होंने कनाडा में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से संपर्क किया और पार्थिव शरीर को भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करवाई। उन्होंने कहा कि परिवार इस समय गहरे सदमे में है और केवल यही चाहता है कि बेटी को अंतिम विदाई अपने देश में दी जा सके।
परिवार के अनुसार विधि मेघा उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गई थीं। उन्होंने वहां बिजनेस मैनेजमेंट का तीन वर्षीय कोर्स पूरा किया था। इसके बाद वह पर्सनल सपोर्ट वर्कर (पीएसडब्ल्यू) ऑनर्स कोर्स की पढ़ाई कर रही थीं। परिवार को उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एक सफल करियर बनाएंगी, लेकिन यह दुखद घटना उनके सभी सपनों को अधूरा छोड़ गई।
इस बीच गुजरात सरकार भी परिवार के संपर्क में है। बोरसद से भाजपा विधायक और गुजरात सरकार के मंत्री रमणभाई सोलंकी ने गुरुवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और उनकी मांग सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
रमणभाई सोलंकी ने बताया कि उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) दोनों से बात की है। उनका कहना है कि सरकार की कोशिश है कि विधि मेघा का पार्थिव शरीर बिना किसी देरी के भारत पहुंचाया जाए ताकि परिवार अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर सके।
इस घटना ने एक बार फिर विदेशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वहीं गुजरात के बोरसद में शोक की लहर है और स्थानीय लोग भी परिवार के साथ इस कठिन समय में खड़े नजर आ रहे हैं।