ईरान आज दे सकता है अमेरिकी प्रस्ताव पर जवाब, होर्मुज संकट पर भी समझौते की उम्मीद

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 08-05-2026
Iran May Respond to US Proposal Today; Agreement on Hormuz Crisis Also Expected
Iran May Respond to US Proposal Today; Agreement on Hormuz Crisis Also Expected

 

इस्लामाबाद

अमेरिका और Iran के बीच जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रगति की संभावना सामने आई है। पाकिस्तान के सूत्रों के अनुसार, ईरान गुरुवार को अमेरिका के नए प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है। यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

पाकिस्तानी सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच संपर्क लगातार बना हुआ है और बातचीत में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, Donald Trump प्रशासन ने ईरान से जल्द जवाब देने का आग्रह किया है ताकि युद्धविराम प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

सूत्रों का यह भी कहना है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक Strait of Hormuz को लेकर भी समाधान की दिशा में बातचीत चल रही है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष इस संवेदनशील मुद्दे पर किसी संभावित समझौते के करीब पहुंच सकते हैं।

इससे पहले, अरब मीडिया संस्था अल-अरबिया ने भी रिपोर्ट दी थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर व्यापक स्तर पर वार्ता जारी है। एक सूत्र ने बताया कि यदि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाता है, तो ईरान चरणबद्ध तरीके से जलडमरूमध्य को दोबारा खोल सकता है। यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम साबित होगा।

बुधवार को Donald Trump ने कहा था कि ईरान के साथ समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि समझौता उनकी शर्तों के अनुरूप नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप के इस बयान ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सेनाओं ने ईरान पर हमला किया था। इसके जवाब में तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और सहयोगी देशों के ऊर्जा ढांचे को भी निशाना बनाया, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता फैल गई।

करीब 40 दिनों तक चले इस संघर्ष के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता हुआ था। फिलहाल यह संघर्षविराम लागू है, लेकिन स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाता है, तो इससे न केवल क्षेत्रीय तनाव कम होगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी बड़ी राहत मिल सकती है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल व्यापार का एक प्रमुख मार्ग है और इसके बंद रहने से तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है।

इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने और युद्धविराम कराने में पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में सक्रिय दिखाई दिया है। आने वाले दिनों में ईरान की प्रतिक्रिया और आगे की वार्ताएं यह तय करेंगी कि पश्चिम एशिया में स्थिरता लौटेगी या तनाव और गहरा होगा।