भारत ने चीन से आयातित पीवीसी रेजिन के खिलाफ 'प्रतिपूर्ति शुल्क' जांच शुरू की

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 03-03-2026
India initiates countervailing duty investigation against PVC resin imported from China
India initiates countervailing duty investigation against PVC resin imported from China

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 घरेलू कंपनियों की शिकायतों के बाद भारत ने चीन से आयातित पीवीसी (पॉलीविनाइल क्लोराइड) रेजिन के खिलाफ प्रतिपूर्ति शुल्क जांच शुरू कर दी है। इस उत्पाद का उपयोग पाइप, बोतल और केबल सहित कई क्षेत्रों में किया जाता है।
 
वाणिज्य मंत्रालय की इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने केम्प्लास्ट कुड्डालोर विनाइल्स, डीसीएम श्रीराम और डीसीडब्ल्यू लिमिटेड द्वारा दायर एक आवेदन के बाद यह जांच शुरू की है।
 
आवेदकों ने आरोप लगाया है कि चीन अपने पीवीसी सस्पेंशन रेजिन निर्माताओं को सब्सिडी दे रहा है और वे कंपनियां भारतीय बाजारों में सस्ते दामों पर माल ‘डंप’ कर रही हैं, जिससे घरेलू उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
 
डीजीटीआर ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘घरेलू उद्योग द्वारा दिए गए पुख्ता आवेदन और सब्सिडी की मौजूदगी एवं उससे होने वाली क्षति के प्रथम दृष्टया साक्ष्यों से संतुष्ट होने के बाद प्राधिकरण इसके द्वारा सब्सिडी-रोधी जांच शुरू करता है।’’
 
महानिदेशालय कथित सब्सिडी की मौजूदगी, सीमा और प्रभाव का निर्धारण करेगा। इसके बाद वह प्रतिपूर्ति शुल्क की उस राशि की सिफारिश करेगा, जो लागू होने पर घरेलू उद्योग को होने वाली क्षति को दूर करने के लिए पर्याप्त होगी।
 
आवेदकों का आरोप है कि चीन के उत्पादकों और निर्यातकों को वहां की सरकार द्वारा विभिन्न स्तरों पर दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ मिला है।
 
एक अलग अधिसूचना में, डीजीटीआर ने कहा कि उसने चीन से आयातित खरपतवार नाशक, 'ग्लूफ़ोसिनेट' और उसके लवणों पर लगाए गए डंपिंग-रोधी शुल्क की 'एंटी-एब्जॉर्प्शन' जांच भी शुरू की है।