रोज़े में बिना हेलमेट युवक को रोका, पुलिस अफसर ने ‘सज़ा’ में कराया इफ्तार- वीडियो वायरल

Story by  अर्सला खान | Published by  [email protected] | Date 03-03-2026
Humanity on duty during Ramzan, 24 hours a day: Iftar as punishment for not wearing a helmet
Humanity on duty during Ramzan, 24 hours a day: Iftar as punishment for not wearing a helmet

 

अर्सला खान/नई दिल्ली

आज के समय में सोशल मीडिया पर कई तरह के वीडियो वायरल होते रहते हैं, लेकिन कुछ वीडियो ऐसे होते हैं जो सीधे दिल को छू लेते हैं। ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों खूब चर्चा में है। यह वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट ashmalikupcop से जुड़ा है। इस अकाउंट के पीछे पुलिस अधिकारी Ashwani Kumar हैं, जो अपने अनोखे अंदाज़ के कारण सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।
 
अश्विनी कुमार अक्सर सड़कों पर बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों को रोकते हैं। वे सिर्फ नियमों की बात नहीं करते, बल्कि लोगों को प्यार से समझाते हैं कि हेलमेट पहनना क्यों जरूरी है। उनका कहना है कि हेलमेट कोई बोझ नहीं, बल्कि आपकी जान की सुरक्षा है। वे चालान काटने से ज्यादा लोगों को जागरूक करने पर ध्यान देते हैं।
 
हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में एक मुस्लिम शख्स बिना हेलमेट मोटरसाइकिल चलाता हुआ दिखाई देता है। अश्विनी कुमार उसे रोकते हैं और सामान्य बातचीत शुरू करते हैं। बातचीत के दौरान वे पूछते हैं, “क्या आपका रोज़ा है?” वह शख्स जवाब देता है, “हां, मेरा रोज़ा है।”
 
यह सुनने के बाद अश्विनी कुमार उसे समझाते हैं कि रोज़ा रखना बहुत अच्छी बात है, लेकिन अपनी जान की हिफाज़त करना भी उतना ही जरूरी है। वे कहते हैं कि अगर आप हेलमेट नहीं पहनेंगे और कोई दुर्घटना हो जाएगी, तो आपके परिवार पर क्या गुजरेगी। नियम तोड़ना छोटी बात लग सकती है, लेकिन उसका नतीजा बड़ा हो सकता है।
 
फिर उन्होंने सज़ा के तौर पर उस शख्स को इफ्तार ऑफर किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सज़ा इसलिए है ताकि आपको याद रहे कि सुरक्षा भी इबादत का हिस्सा है। वहां मौजूद लोग यह देखकर हैरान भी हुए और प्रभावित भी। वीडियो में साफ दिखता है कि अश्विनी कुमार सख्ती के साथ इंसानियत भी निभा रहे हैं।
 
यह वीडियो देखते ही देखते हजारों लोगों तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि ऐसे पुलिस अधिकारी समाज के लिए मिसाल हैं। कुछ ने कहा कि अगर हर अधिकारी ऐसे समझदारी से काम करे, तो लोग खुद ही नियमों का पालन करने लगेंगे।
 
 
अश्विनी कुमार का मानना है कि डर से ज्यादा असर प्यार और समझाइश का होता है। वे हमेशा कहते हैं कि हेलमेट पहनना सिर्फ आपकी सुरक्षा नहीं, बल्कि आपके परिवार की खुशियों की रक्षा है। उनका यह संदेश साफ है कि कानून और इंसानियत साथ-साथ चल सकते हैं।
 
“इंसानियत की ड्यूटी, 24 घंटे ऑन” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि उनके काम करने का तरीका है। उनका यह वीडियो हमें याद दिलाता है कि चाहे रोज़ा हो या कोई और जिम्मेदारी, अपनी सुरक्षा सबसे पहले रखनी चाहिए। क्योंकि जब हम सुरक्षित रहेंगे, तभी अपने परिवार और समाज की जिम्मेदारी सही तरीके से निभा पाएंगे।