डॉ. समीना बेगम: सियासत, सेवा और समर्पण की मिसाल

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 03-03-2026
Dr. Samina Begum: An epitome of politics, service and dedication
Dr. Samina Begum: An epitome of politics, service and dedication

 

मलिक असगर हाशमी

dराजनीति में अक्सर वही चेहरे चर्चा में रहते हैं जो शोर मचाते हैं या हेडलाइन बनते हैं। लेकिन तेलंगाना की सियासत में एक ऐसा नाम है, जिसकी खामोशी में भी काम की गूंज सुनाई देती है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन की नेता और याकूतपुरा क्षेत्र के कुर्मागुडा डिवीजन की पार्षद डॉ. समीना बेगम ने यह साबित कर दिया कि नेतृत्व का असली मापदंड शोर नहीं, काम है।

वे पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की तरह वैचारिक रूप से प्रखर हैं। लेकिन उनका ध्यान जमीनी स्तर पर समाज सेवा और क्षेत्रीय विकास पर केंद्रित है। हैदराबाद के बाहर शायद बहुत लोग उनके बारे में कम जानते हों। लेकिन हैदराबाद में उनका नाम भरोसे और उम्मीद की पहचान बन चुका है।

डॉ. समीना बेगम की शख्सियत बहुआयामी है। वे केवल राजनेता नहीं हैं। वे एक उच्च शिक्षित चिकित्सक और दूरदर्शी उद्यमी भी हैं। उनकी शिक्षा और अनुभव उनके प्रशासनिक और सामाजिक कौशल का आधार हैं।

fडॉ. समीना ने यूनानी मेडिसिन और सर्जरी में बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी किया। इससे उन्हें बीमारियों और उनके उपचार की गहरी समझ मिली।

इसके बाद उन्होंने मास्टर ऑफ हेल्थ मैनेजमेंट में डिग्री हासिल की। इससे उन्हें हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन और अस्पताल संचालन में विशेषज्ञता मिली।

इसके साथ ही उन्होंने कानून में मास्टर ऑफ लॉज़ की डिग्री भी ली। इसने उन्हें मेडिकल कानून, एथिक्स और मरीजों के अधिकारों की पूरी जानकारी दी।

चिकित्सा, प्रबंधन और कानूनी ज्ञान का यह अनोखा मिश्रण उन्हें अपने अस्पताल और इलाके का प्रभावशाली नेतृत्व करने में मदद करता है।डॉ. समीना ने समाज सेवा में अपनी पहचान 'समीना ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स' से बनाई। 1987 में उन्होंने इसे एक छोटे मैटरनिटी होम के रूप में शुरू किया।

f तब शायद किसी ने सोचा नहीं था कि यह छोटा अस्पताल धीरे-धीरे बड़े मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में बदल जाएगा। उनकी मेहनत, दूरदर्शिता और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण ने इसे भरोसे का प्रतीक बना दिया।

वे अक्सर कहती हैं, सियासत अपनी जगह है और समाज सेवा अपनी जगह। यही सोच उन्हें अस्पताल और राजनीति दोनों में संतुलित रखती है।

कोविड-19 महामारी के दौरान डॉ. समीना का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। जब शहर और देश में लोग भयभीत थे, तब वे फ्रंटलाइन पर खड़ी रहीं।

उन्होंने अपने अस्पताल में मरीजों के लिए दरवाजे खुले रखे। साथ ही सड़कों पर उतरकर राहत कार्य भी किए।

वे अपने परिवार के साथ याकूतपुरा सुपर बाजार सरकारी अस्पताल में कोविशील्ड वैक्सीन लगवाने गईं।

उनके इस कदम ने समाज में भरोसा पैदा किया। सैकड़ों लोग उनके प्रेरक प्रयास से टीका लगवाने आए। उनके इस प्रयास ने दिखाया कि सियासत और सेवा का संतुलन समाज को लाभ पहुँचा सकता है।

स्वास्थ्य ही नहीं, शिक्षा भी डॉ. समीना की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने 'समीना विद्या भवन स्कूल' और 'समीना वोकेशनल कॉलेज' की स्थापना की। उनका मानना है कि शिक्षा समाज को आगे बढ़ाने की कुंजी है। स्कूल और कॉलेज में बच्चों को व्यावहारिक कौशल भी सिखाया जाता है ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें।

डॉ. समीना का दृष्टिकोण यह है कि शिक्षित और सक्षम पीढ़ी समाज की पिछड़ी परतों को स्वतः विकसित करेगी। उनका विजन केवल अपने वार्ड तक सीमित नहीं है। वे अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से विकास को लागू करना चाहती हैं।

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की यात्रा के दौरान उन्होंने रेलवे स्टेशनों की व्यवस्था और सौंदर्य देखा। उन्होंने ठान लिया कि याकूतपुरा रेलवे स्टेशन को वैसा ही व्यवस्थित और सुंदर बनाया जाएगा। यह दिखाता है कि उनका नजरिया स्थानीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर तक फैला है।

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वे केवल ऑफिस में बैठकर आदेश नहीं देतीं। वे बानु नगर, सलाउद्दीन नगर और तालाब चंचलम की गलियों में पैदल घूमकर ड्रेनेज, पानी की सप्लाई, खराब सड़कें और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं का निरीक्षण करती हैं। वे अधिकारियों से सीधे संवाद करती हैं और तब तक पीछा नहीं छोड़ती जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होता।

उनकी सक्रियता और मेहनत उन्हें इलाके के लोगों में बेहद लोकप्रिय बनाती है।सार्वजनिक जीवन में रहते हुए उन्हें कई स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। हाल ही में वे डेंगू से पीड़ित हुईं और उन्हें नामपल्ली के केयर हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा। अस्पताल में तुरंत उपचार और उनका मजबूत इरादा उन्हें जल्दी स्वस्थ कर गया। बीमारी ने उनके जज्बे को कम नहीं किया।

अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही उन्होंने दोबारा समाज सेवा और क्षेत्रीय विकास में खुद को समर्पित कर दिया। लायंस क्लब ऑफ चारमीनार सेंटेनियल के साथ मिलकर उन्होंने KGN क्लिनिक में मुफ्त आई कैंप आयोजित किया। यह उनके अटूट सेवा भाव का प्रमाण है।

पार्टी के भीतर भी उनका स्थान विशेष है। वे एआईएमआईएम के फैसलों में पर्दे के पीछे रणनीतिक भूमिका निभाती हैं। वे महिलाओं को पार्टी में जोड़ने, संगठन को मजबूत करने और फैसलों को लागू करने में अहम योगदान देती हैं।

2016 में कुर्मागुडा से पार्षद चुने जाने के बाद उन्होंने स्थानीय महिला भागीदारी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।डॉ. समीना बेगम का जीवन यह दिखाता है कि सही योग्यता, स्पष्ट विजन और सेवा की भावना से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। वे केवल डॉक्टर या नेता नहीं हैं, बल्कि अपने वार्ड और इलाके के लोगों के सुख-दुख की साझीदार हैं।

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उनका उदाहरण यह बताता है कि राजनीति अगर सही इरादे और ईमानदारी के साथ की जाए, तो यह समाज सेवा का सर्वोत्तम रूप बन सकती है।डॉ. समीना बेगम का जीवन सादगी, सेवा और प्रतिबद्धता का संगम है। उन्होंने साबित कर दिया कि एक नेता वही है जो अपने शब्दों के साथ काम भी दिखाए। उनके प्रयास हैदराबाद के याकूतपुरा और आसपास के इलाकों में लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

उनकी कहानी संदेश देती है कि समर्पण और मेहनत से समाज में स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है।डॉ. समीना की यह यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा है। यह साबित करती है कि सेवा, नेतृत्व और दृढ़ निश्चय से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।