China's annual parliamentary meeting to be held under the shadow of economic challenges
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
चीन की आधुनिक अर्थव्यवस्था की प्रगति कुंग-फू लड़ने वाले रोबोट और खुद से पार्क होने वाली कारों से भले ही दिखती हो, लेकिन रियल एस्टेट क्षेत्र की सुस्ती, छोटे व्यवसायों की मुश्किलें और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी उसकी रफ्तार को थाम रही हैं।
चीनी नेता शी चिनफिंग की उच्च प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित महत्वाकांक्षाओं और धीमी पड़ती आर्थिक वृद्धि की कठोर वास्तविकताओं के बीच का अंतर उस पृष्ठभूमि को रेखांकित करता है, जिसके बीच देश की औपचारिक मानी जाने वाली संसद ‘नेशनल पीपुल्स कांग्रेस’ की वार्षिक बैठक बृहस्पतिवार से शुरू हो रही है।
करीब 3,000 प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाली बैठक में शीर्ष नेता वार्षिक आर्थिक वृद्धि लक्ष्य और 2030 तक की नीतिगत रूपरेखा पेश करेंगे।
विश्लेषकों के अनुसार, राष्ट्रपति शी चिनफिंग के सामने सबसे बड़ी चुनौती उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित विकास और घरेलू मांग को संभालने के बीच संतुलन की है।
चीन ने 2025 में लगभग पांच प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का दावा किया है, हालांकि कई अर्थशास्त्री आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापारिक तनाव के बावजूद निर्यात में उछाल और विनिर्माण क्षेत्र की मजबूती ने अर्थव्यवस्था को सहारा दिया है।