ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली
होली खुशियों, उमंग और रंगों का त्योहार है। यह ऐसा पर्व है जिसका इंतज़ार हर कोई बेसब्री से करता है। लेकिन अगर होली के रंगों में मिलावट हो या वे केमिकल युक्त हों, तो यही रंग आपकी खुशियों में खलल भी डाल सकते हैं और आपकी त्वचा, बालों तथा आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रसिद्ध डॉक्टर डॉ. शाइस्ता खान ने कुछ खास ट्रिक्स और टिप्स साझा की हैं, जिनकी मदद से आप अपनी होली को सचमुच हैप्पी और सुरक्षित बना सकते हैं।

डॉ. शाइस्ता खान का कहना है कि होली खेलते समय हमें यह विशेष ध्यान रखना चाहिए कि रंग हमारी त्वचा और आंखों को किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचाएं। इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। होली के हुड़दंग और मस्ती के माहौल में अक्सर हम सावधानी भूल जाते हैं, लेकिन अगर पहले से तैयारी कर ली जाए तो कई परेशानियों से बचा जा सकता है। खासकर आपके बाल, चेहरा, आंखें और मुंह सुरक्षित रहना बहुत जरूरी है।
सबसे पहले नाखूनों की बात करें तो डॉ. शाइस्ता खान बताती हैं कि होली खेलते समय अक्सर रंग नाखूनों में फंस जाता है और कई दिनों तक नहीं निकलता। इससे नाखून बदरंग और गंदे दिखाई देते हैं। इससे बचने के लिए होली खेलने जाने से पहले घर पर ही हाथों और पैरों के नाखूनों पर वैसलीन लगा लें। वैसलीन की एक परत नाखूनों पर सुरक्षा कवच का काम करती है, जिससे रंग नाखूनों के अंदर तक नहीं पहुंच पाता और बाद में आसानी से साफ हो जाता है।
इसके अलावा बालों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। डॉ. शाइस्ता खान का कहना है कि यदि आप अपने बालों को रंगों से सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो होली खेलने से पहले बालों की जड़ों तक अच्छी तरह ऑयलिंग कर लें। तेल लगाने से बालों पर एक परत बन जाती है, जिससे रंग या गुलाल बालों की जड़ों में प्रवेश नहीं कर पाता। इससे बाल रूखे, कमजोर या क्षतिग्रस्त होने से बचे रहते हैं।
सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है आपकी बॉडी और चेहरे की त्वचा। होली खेलने से पहले पूरे शरीर और चेहरे पर मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन का उपयोग जरूर करें। मॉइश्चराइजर त्वचा को नमी प्रदान करता है और सनस्क्रीन त्वचा को बाहरी नुकसान से बचाता है। अगर कोई केमिकल बेस्ड कलर आपकी बॉडी पर लगाया जाता है, तो यह सुरक्षा परत उसे सीधे त्वचा पर असर करने से रोकती है। साथ ही नहाने के बाद रंग जल्दी और आसानी से निकल जाता है।
डॉ. शाइस्ता खान यह भी बताती हैं कि अगर होली खेलने और नहाने के बाद भी आपकी त्वचा पर खुजली, जलन, लाल दाग-धब्बे या रैशेज दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज न करें। सबसे पहले अपनी त्वचा पर एक अच्छा मॉइश्चराइजर लगाएं। अगर इससे भी राहत न मिले, तो तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि समय रहते सही उपचार मिल सके।

आंखों की सुरक्षा के बारे में डॉ. शाइस्ता खान विशेष रूप से सावधान करती हैं। उनका कहना है कि रंगों से खेलते समय बाहरी तत्व आंखों में प्रवेश कर सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप आंखों में लंबे समय तक किरकिरी महसूस होना, आंखों से पानी आना और लालिमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए होली खेलते समय पूरे शरीर को कपड़ों से ढककर रखें। फुल बाजू के कपड़े पहनें और आंखों पर सनग्लासेस अवश्य लगाएं, ताकि आप सुरक्षित और हेल्दी तरीके से होली खेल सकें।
डॉक्टर का यह भी कहना है कि आप अपनी ओर से ज्ञानिक, हर्बल या फूलों से बनी प्राकृतिक होली खेल सकते हैं, जो अपेक्षाकृत सुरक्षित होती है। लेकिन यह आपको नहीं पता होता कि सामने वाला व्यक्ति आपके लिए कौन सा रंग लेकर आ रहा है। इसलिए बेहतर है कि पहले से ही सभी जरूरी सावधानियां अपनाई जाएं, ताकि आप अपने साथ-साथ दूसरों के साथ भी सुरक्षित होली खेल सकें।
डॉ. शाइस्ता खान सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं और समय-समय पर स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी और उपयोगी जानकारियां अपने दर्शकों और मरीजों के साथ साझा करती हैं। आप उनके सोशल मीडिया हैंडल्स पर जाकर ऐसे कई इनफॉर्मेटिव वीडियो देख सकते हैं, जो आपको स्वस्थ जीवन जीने की नई दिशा देते हैं। उनकी सबसे खास बात यह है कि वे जटिल स्वास्थ्य संबंधी विषयों को भी बेहद सरल और सहज भाषा में समझाती हैं और यह स्पष्ट करती हैं कि किन चीजों से परहेज करना चाहिए और किनसे नहीं।
इन सभी सावधानियों और सुझावों को अपनाकर आप रंगों के इस खूबसूरत त्योहार को बिना किसी डर और नुकसान के पूरे उत्साह और सुरक्षा के साथ मना सकते हैं।