मक्का पर ड्रोन हमले के आरोपों से हौथियों ने किया इनकार, बताया ‘घिनौना झूठ’

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 16-09-2026
Houthis deny allegations of drone attacks on Mecca, call them a ‘vile lie’
Houthis deny allegations of drone attacks on Mecca, call them a ‘vile lie’

 

दुबई/तेहरान।

सऊदी अरब और यमन के हौथी समूह के बीच बढ़ते तनाव के बीच मक्का को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया है कि हौथियों की ओर से मक्का की दिशा में एक ड्रोन भेजा गया था, जिसे सऊदी वायु रक्षा ने मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया।

हौथी समूह ने हालांकि इस आरोप को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हौथी राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य हिजाम अल-असद ने सऊदी दावे को “घिनौना झूठ” बताया। उन्होंने कहा कि मक्का को निशाना बनाए जाने के ऐसे आरोप पहले भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन अब इन दावों से लोगों को गुमराह नहीं किया जा सकता।

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक, ड्रोन को मंगलवार शाम मक्का के दक्षिण में इंटरसेप्ट किया गया। सऊदी पक्ष ने कहा कि ड्रोन पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल नहीं हो सका। गठबंधन ने मक्का और दोनों पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा को ‘रेड लाइन’ बताया है।

हौथियों ने आरोपों को बताया गलत

हौथी पक्ष ने कहा है कि यमन की ओर से मक्का या किसी अन्य इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना बनाने की कोई कोशिश नहीं की गई। अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, हौथी सैन्य सूत्र ने भी मक्का या अन्य धार्मिक स्थलों के लिए किसी खतरे से साफ इनकार किया और सऊदी दावे को गलत सूचना बताया।

इस घटनाक्रम के बाद मक्का में कुछ समय के लिए सुरक्षा अलर्ट भी जारी किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, मंगलवार को मक्का के अलावा ताइफ और जेद्दा में भी सुरक्षा चेतावनी सक्रिय की गई थी, जिसे बाद में हटा दिया गया।

2017 में भी लगा था मक्का को निशाना बनाने का आरोप

सऊदी अरब और हौथियों के बीच मक्का को लेकर विवाद नया नहीं है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इससे पहले 2017 में भी हौथियों पर मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल भेजने का आरोप लगाया था।

मौजूदा घटनाक्रम को सऊदी पक्ष ने उस पुराने मामले से जोड़ते हुए मक्का की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता बताया है। हालांकि इस बार भी हौथियों ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप को खारिज किया है।

2014 से जारी है सऊदी-हौथी संघर्ष

यमन में हौथी संघर्ष की मौजूदा पृष्ठभूमि 2014 से जुड़ी है। उस साल हौथियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद यमन में गृहयुद्ध तेज हुआ और 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया।

2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में युद्धविराम के बाद संघर्ष में कुछ समय के लिए अपेक्षाकृत शांति रही। हालांकि हाल के दिनों में यमन और सऊदी अरब के बीच सैन्य तनाव फिर बढ़ गया है। हौथियों की ओर से सऊदी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों तथा सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं।

बढ़ते तनाव के बीच मक्का की सुरक्षा पर नजर

मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है और यहां स्थित मस्जिद अल-हराम में काबा मौजूद है। ऐसे में शहर की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी खबर का धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व है।

फिलहाल मक्का पर ड्रोन भेजे जाने के आरोप को लेकर सऊदी पक्ष और हौथियों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं। सऊदी अरब का कहना है कि हौथियों की ओर से भेजे गए ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में पहुंचने से पहले नष्ट कर दिया गया, जबकि हौथी पक्ष ने मक्का को निशाना बनाने से पूरी तरह इनकार किया है।

इस बीच, यमन में जारी संघर्ष और सऊदी अरब पर हो रहे हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। स्थिति पर सऊदी अरब, यमन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।