जापान के साथ बढ़ता व्यापार घाटा चिंता का विषय : फिक्की अध्यक्ष

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 25-08-2026
Growing trade deficit with Japan a matter of concern: FICCI President
Growing trade deficit with Japan a matter of concern: FICCI President

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
उद्योग मंडल फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने मंगलवार को कहा कि जापान के साथ बढ़ता व्यापार घाटा भारतीय निर्यातकों के लिए चिंता का विषय है। इसलिए बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने के लिए जापान में भारतीय प्रमाणपत्रों को अधिक मान्यता देने की जरूरत है।
 
उन्होंने कहा कि कड़े प्रमाणन और नियामकीय मानदंड भी भारतीय निर्यातकों, खासकर जापानी बाजार में दवा कंपनियों के लिए प्रमुख चिंताओं में शामिल हैं।
 
गोयनका ने कहा कि जापान के साथ भारत का व्यापार मुख्य रूप से एक ही दिशा में बढ़ा है और भारतीय कंपनियों को जापानी बाजार तक पहुंच बनाने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
 
उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘ यह (व्यापार घाटा) चिंता का विषय रहा है। मुझे लगता है कि इस अवधि में हमारा व्यापार घाटा बढ़ा है और विभिन्न बातचीत के दौरान मंत्री ने भी इस मुद्दे को उठाया है कि व्यापार बढ़ा है, लेकिन मुख्य रूप से एक ही दिशा में बढ़ा है। तो हम जापानी बाजारों तक कैसे पहुंच बनाएं? हम उत्पाद कैसे बनाएं और इसलिए गुणवत्ता भी एक ऐसा क्षेत्र है जहां जापान के कड़े मानकों के अनुरूप भारतीय विनिर्माण को भी स्तर बढ़ाना होगा।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘ हम इस दिशा में कुछ काम कर रहे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इस मोर्चे पर और काम किया जा सकता है। दूसरा पहलू कुछ हद तक सांस्कृतिक खुलापन भी है। जापान में जापानी कंपनियों के उत्पाद खरीदने को लेकर काफी हद तक पक्षपात है। मेरे विचार से इस समस्या को हल करने में कुछ समय लग सकता है।’’
 
गोयनका ने कहा कि भारतीय दवा कंपनियों को जापान में अपने उत्पादों का पंजीकरण कराने में विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
 
उन्होंने कहा, ‘‘दवा कंपनियां अभी तक जापान में अपने उत्पादों का पंजीकरण भी नहीं करा सकती हैं।’’